Monday, January 19, 2026


 
            कर्म
नीच कर्म में जीने वाले, मोक्ष चाहते आज,
धेला जिनके पास नहीं, वो चाहते हैं राज।
दो कोड़ी के नेता देखो,चाहते सिर पे ताज,
नंगा डांस करने वाले, नहीं मिलेगी लाज।।
पानी भी पीने न देते, लोभी बने जग लोग,
धोखा, फरेब देने का, आज बढ़ा जन रोग।
अपने दुष्कर्मों की सजा, आज रहे हैं भोग,
सच्चाई का दामन थामे, बहुत कम संयोग।।
*डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
       विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

     बुराई
गंदा जन गंदगी फैलाता,
बुरे कर्म कर न पछताता।
सुख से गर कोई जीएगा,
नीच को कभी न सुहाता।।
मरी आत्मा में वो जीएगा,
लोगों का वो खून पीएगा।
राह में फूलों को चुन चुन,
जन राहों में कांटे बोएगा।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा



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