मौका
देख रहा है वो दाता पल-पल-पल,
करनी का फल देगा आज नहीं कल।
खुद को ज्ञानी मान देते हैं जो धोखा,
प्रभु कभी न दे बचने का कोई मौका।।
झूठ बोलने की जन में फैली बीमारी,
कदम कदम पर बैठे कई व्याभिचारी।
पाखंडी के पाखंडों से डरते नर-नारी,
जयचंदों से कर रहे कितने लोग यारी।।
किताब
ज्ञान की भरी किताब है,
हर प्रश्न का दे जवाब है।
ना पढ़ते उनका ख्वाब है,
हर समस्या का जवाब है।।
लिख पढ़के बने साहब हैं,
पढ़के ही मिलते जवाब हैं।
आदत पढऩे की जनाब हैं,
लोग बन सकते नवाब हैं।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा**
विश्वास
विश्वास किस पर करे,
किसको मान ले खास।
धोखा अकसर देते जो,
मिलते हैं दिल के पास।।
कब बदले इंसान मति,
कब हो जाएगी दुर्गति।
होता है नाश जन का,
कर बैठता है वो अति।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.

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