वर्ष 2026
कितनों को तूने खा लिया,
2025 लौटकर न आएगा।
गम दे गया चैन छीना है,
तू क्या अब चैन पाएगा।।
वर्ष 2026 का है इंतजार,
जन जन को देना है प्यार।
खुशी भर दे हर दिल में,
स्वागत को खड़े हैं तैयार।।
**होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा
बूंदाबांदी
सर्दी में बूंदाबांदी हुई,
फसलों में आई आब।
खूब पैदावार मिलेगी,
किसानों के हैं ख्वाब।।
शीत लहर अब चली,
बच्चों का रखो ख्याल।
सर्दी जुकाम लग जाये,
हो जाएगा बुरा हाल।।
**डा. होशियार सिंह
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

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