Thursday, February 26, 2026

 

    आओ मेले में





ऊंट दौड़ते, घोड़ी दौड़ती,
दंगल करने लगे पुकार।
मोलडऩाथ का मेला देेखे,
मिलते भक्त कई हजार।।
बकरी,ऊंट, घोड़ी करतब,
शक्कर प्रसाद की है बहार।
आ जाओ मेले में चलके,
स्वागत को हैं जन तैयार।।
डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना

        मोलडऩाथ
भिवानी से आये मोलड़,
जन जन कष्ट मिटाने को।
जप, तप और धर्म मर्मज्ञ,
दुखियों का दर्द हटाने को।।
घुमक्कड़ मन जिज्ञासा ले,
परमपिता से नाता जोड़ा।
मोड़ दिया मुख धारा का,
परहित से नहीं मुख मोड़ा।।
*डा. होशियार सिंह यादव
विश्व रिकार्डधारक,कनीना




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