Wednesday, January 21, 2026


 
            कर्म
नीच कर्म में जीने वाले, मोक्ष चाहते आज,
धेला जिनके पास नहीं, वो चाहते हैं राज।
दो कोड़ी के नेता देखो,चाहते सिर पे ताज,
नंगा डांस करने वाले, नहीं मिलेगी लाज।।
पानी भी पीने न देते, लोभी बने जग लोग,
धोखा, फरेब देने का, आज बढ़ा जन रोग।
अपने दुष्कर्मों की सजा, आज रहे हैं भोग,
सच्चाई का दामन थामे, बहुत कम संयोग।।
*डा. होशियार सिंह यादव,कनीना,महेंद्रगढ़
       विश्व रिकार्डधारक, कनीना*****

         चोर मचाए शोर
आजकल के चोर, जमाते हैं जोर,
उल्टे ओछे कामों में,मचाते हैं शोर।
चोरी से काम,क्या शाम क्या भोर,
कारनामे सुन सुनके नाचते हैं मोर।।
चोरों की पहचान है अधिक बोलते,
निज भेद छुपाके औरों का खोलते।
दूसरे के धन पर उनके मन डोलते,
नीचता से भरे शब्द पर दिल छोलते।।
***डा. होशियार सिंह यादव***
कनीना, महेंद्रगढ़, हरियाणा*****


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