महिमा
राम नाम की महिमा देखो,
पत्थर भी जल में जाते तैर।
नजरों से उसकी गिर जाए,
तीन जहान में नहीं हो खैर।।
पापी कितने जग पार उतारे,
निज भक्तों का भाग्य संवारे।
उसके आगे नहीं एक चले,
सोच समझकर तब उच्चारे।।
** होशियार सिंह कनीना,
जिला-महेंद्र्रगढ़, हरियाणा*
मार
बरसात झमाझम हो रही है,
निकली है किसान की जान।
फसल तो बर्बाद हो जाएगी,
इंद्र को हो गया अभिमान।।
सरसों भीगी,गेहूं खराब हो,
कैसी वृष्टि की पड़ी है मार।
देख देखकर मायूस हैं जन,
मेहनत हो रही अब बेकार।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा***

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