Tuesday, January 06, 2026

 

      तिलकुटनी व्रत



तिल कूटकर खाती व्रत में,
तिलकुटनी का नाम दिया।
माघ माह की कृष्ण चतुर्थी,
गणेश जी का ध्यान दिया।।
सुख समृद्धि की चाहत है,
बुद्धि में पुत्र गणेश चाहती।
व्रत करेगी गर कोई महिला,
पाप रोग दोष सब हटाती।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा


     टिड्डी
ऐसे कितने लोग मिलेंगे,
चाहे अपना जन में नाम।
एक रुपया तक देते नहीं,
टांग अड़ाना होता काम।।
धर्म कर्म मिले फिसड्डी,
हांडते फिरते जैसे टिड्डी।
परहित उन्हें कभी न भाए,
करे शोर शराबा हाय-हाय।।
नजर उठाकर देख लो अब,
कितना किया उन्हें विनाश।
चापलूसी में मिले नंबर वन,
मर जाएंगे यूं ही जोड़ धन।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

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