Monday, March 02, 2026


 

       कसम
कसम उठाते लाख जहां में,
फिर इक दिन जाना होता है।
इतने दिन जो साथ रहा था,
बस उनकी यादों में खोता है।।
मौत जहां में सबको मिलती,
भेदभाव नहीं कभी करती है।
कितने दर्द में डूबा इंसान हो,
एक झटके से सभी हरती है।।
***डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,महेंद्रगढ़,हरियाणा

    होली दहन
होलिका अब जल चुकी,
जन गीत खुशी के गाते हैं।
भक्त प्रह्लाद बचाने खातिर,
बस प्रभु को शीश नवाते हैं।।
नरसिंह अवतार लिया जब,
हिरण्याकश्यप संहार किया।
दाता-भक्त के बीच प्रेम का,
अनमिट सकल उपहार दिया।।
**डा. होशियार सिंह यादव
कनीना,जिला-महेंद्रगढ़,हरि.

No comments: