ताऊ ताई संवाद
ताई बोली ताऊ से....
नव वर्ष लेकर आया
खुशियों भरी सौगात
बस यही तमन्ना शेष
चलती रहे मुलाकात।
ताऊ बोला ताई से....
भगवान अगर चाहेगा
यूं ही खुशियां मनाएंगे
बूढ़े जरूर हम हो गए
मरकर नाम कमाएंगे,
सर्दी, गर्मी और बसंत
फिर आती है पतझड़
बीते दिनों को याद कर
दिल करता है धड़ धड़।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
स्वेटर
अनीता गरीब जनों की बस्ती में जाकर एक सौ गरीब बच्चों को स्वेटर पहनाकर कांपते हुए चेहरों पर मुस्कान ला रही थी। साथ में सभी को ढेर सारी चाकलेट प्रदान कर रही थी। तभी एक गरीब महिला ने पूछा-बेटी, तुम आज ऐसा क्यों कर रही हो?
अनीता ने मंद मंद मुस्कान के साथ कहा-मा, मेरा जन्म दिन है और मैंने सोचा कि जन्म दिन पर अनाप शनाप खर्च करूंगी उसकी बजाय अगर गरीबों को कुछ भेंट करूंगी तो सचमुच पुण्य प्राप्त होगा। यही सोचकर मैं गरीबों की बस्ती में आई हूं। हर वर्ष जन्म दिन पर ऐसा ही करूंगी।
महिला की आंखों में आंसू थे और बस इतना ही कहा-युग युग आपका नाम रहे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




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