प्रिय दोस्तों
इस सोशल साइट पर मेरे द्वारा अनवरत डाली जा रही मुक्तक मेरी अपनी पुस्तकों से उद्धृत हैं और पूर्णतया मौलिक होती हैं। कृपया उनको अपने नाम से अन्यत्र प्रयोग न करे। इसके उपरांत कृपया मेरी फेसबुक पर राजनीति से संबंधित कोई समाचार व फोटो मेरे खाते में न डाली जाए। एक सामाजिक एवं साहित्य प्रेमी से केवल साहित्य की बात की जाए। राजनीति की बातें करनी हो तो गलियारों में करना सीखो।
धन्यवाद
होशियार सिंह, लेखक, कनीना
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