खाटू धाम
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रिंगस से 20 किमी दूर
लगा है भक्तों का तांता
नंगे पैर चले जा रहे हैं
पास में ना कोई छाता,
जगह जगह शिविर हैं
करते जहां भक्त सेवा
इस सेवा के बल पर
उनको मिलता है मेवा,
निशान हाथों में होता
मुंह में खाटू का नाम
भक्तजन इच्छा पूर्ण हो
वो कलियुग के श्याम,
फाग मेला खाटू भरता
पूरे विश्व में होता नाम
इच्छा सबकी पूरी करो
जय हो मेरे खाटू श्याम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
होली
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होली का पर्व आया
खेल रहे लुक्का छिपी
भाग दौड़ मची भारी
खाते बर्फी व मट्ठी,
राम, श्याम, बलराम
और उनके संग सेठी
चांदनी रात सुहानी हैं
सुनहरी लग रही रेती,
राम, श्याम छिप गए
सेठी आया दौड़ लगा
कहीं कोई ना मिला
वो समझे कहीं ठगी,
खेलकूद जब थके थे
चल पड़े वो घर ओर
ऐसे जा रहे छुप छुप
जैसे जाता कोई चोर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
ईश्वर की पूजा करने को
अब तो मन करता रहता
जग के पाप, दुष्कर्म देख
आंखों से अश्रु ही बहता।
ताऊ बोला ताई से........
बचपन,जवानी, वानप्रस्थ
आ गई उम्र अब सन्यास
धार्मिक स्थानों की सैर से
बढ़ जाए अपनी ही शान,
शिवालयों में जाएंगे दोनों
करेंगे दर्शन शिव भगवान
ब्रह्मा, विष्णु को याद करे
कलियुग में खाटू की शान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
भगवान से डर
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पैर से लंगड़ा युवा अपने जोश में पागल हो रहा था। हाथ में बेंत लेकर एक अधेड़ पर टूट पड़ा और इतना पीटा की देखते ही देखते अपने बेंत को ही तोड़ डाला। लोगों ने छुड़ाने का प्रयास किया किंतु वो कब मानने वाला था। आखिरकार पास खड़े लोगों के मुख से निकला कि इस जन्म में तो भगवान ने लंगड़ा बनाकर सजा दी है और काम ऐसे गंदे हैं कि अगले जन्म में दोनों पैर नहीं होने चाहिए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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रिंगस से 20 किमी दूर
लगा है भक्तों का तांता
नंगे पैर चले जा रहे हैं
पास में ना कोई छाता,
जगह जगह शिविर हैं
करते जहां भक्त सेवा
इस सेवा के बल पर
उनको मिलता है मेवा,
निशान हाथों में होता
मुंह में खाटू का नाम
भक्तजन इच्छा पूर्ण हो
वो कलियुग के श्याम,
फाग मेला खाटू भरता
पूरे विश्व में होता नाम
इच्छा सबकी पूरी करो
जय हो मेरे खाटू श्याम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
होली
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होली का पर्व आया
खेल रहे लुक्का छिपी
भाग दौड़ मची भारी
खाते बर्फी व मट्ठी,
राम, श्याम, बलराम
और उनके संग सेठी
चांदनी रात सुहानी हैं
सुनहरी लग रही रेती,
राम, श्याम छिप गए
सेठी आया दौड़ लगा
कहीं कोई ना मिला
वो समझे कहीं ठगी,
खेलकूद जब थके थे
चल पड़े वो घर ओर
ऐसे जा रहे छुप छुप
जैसे जाता कोई चोर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
ईश्वर की पूजा करने को
अब तो मन करता रहता
जग के पाप, दुष्कर्म देख
आंखों से अश्रु ही बहता।
ताऊ बोला ताई से........
बचपन,जवानी, वानप्रस्थ
आ गई उम्र अब सन्यास
धार्मिक स्थानों की सैर से
बढ़ जाए अपनी ही शान,
शिवालयों में जाएंगे दोनों
करेंगे दर्शन शिव भगवान
ब्रह्मा, विष्णु को याद करे
कलियुग में खाटू की शान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
भगवान से डर
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पैर से लंगड़ा युवा अपने जोश में पागल हो रहा था। हाथ में बेंत लेकर एक अधेड़ पर टूट पड़ा और इतना पीटा की देखते ही देखते अपने बेंत को ही तोड़ डाला। लोगों ने छुड़ाने का प्रयास किया किंतु वो कब मानने वाला था। आखिरकार पास खड़े लोगों के मुख से निकला कि इस जन्म में तो भगवान ने लंगड़ा बनाकर सजा दी है और काम ऐसे गंदे हैं कि अगले जन्म में दोनों पैर नहीं होने चाहिए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**






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