भाड़ में जाए तुम्हारे चुनाव और बेशक मत बनाइये खाना। हमें आराम से चूल्हे में सोने दो।
राम सुनो, श्याम सुनो और सुनो मेरी बबीता,
मोड़ी गांव में खड़ा है मेरा प्यारा पेड़ पपीता।
मोड़ी गांव में खड़ा है मेरा प्यारा पेड़ पपीता।
Hoshiar Singh Yadav updated his profile picture.
दोस्तों
मैंने कभी किसी के फेसबुक पर अपनी किसी भी प्रकार की कोई फोटो नहीं डाली और न ही कभी डालने की कोशिश करूंगा। हां मुझे यदि कोई सम्मान सार्वजनिक रूप से किसी नेता द्वारा मिला है उसे मैंने अपने खाते तक सीमित रखा है किसी के खाते में नहीं डाली है और न ही कभी डालूंगा। यदि आपको किसी नेता ने सम्मान दिया है या फिर आपको पसंद है तो कृपया अपने तक रहने की कोशिश करे। एक-दो दोस्तों के कहने के बाद अब मैं अपनी कोई ऐसी फोटो भी नहीं डालूंगा जिसमें कोई राजनीतिज्ञ हो।
धन्यवाद
होशियार सिंह, कनीना।
मैंने कभी किसी के फेसबुक पर अपनी किसी भी प्रकार की कोई फोटो नहीं डाली और न ही कभी डालने की कोशिश करूंगा। हां मुझे यदि कोई सम्मान सार्वजनिक रूप से किसी नेता द्वारा मिला है उसे मैंने अपने खाते तक सीमित रखा है किसी के खाते में नहीं डाली है और न ही कभी डालूंगा। यदि आपको किसी नेता ने सम्मान दिया है या फिर आपको पसंद है तो कृपया अपने तक रहने की कोशिश करे। एक-दो दोस्तों के कहने के बाद अब मैं अपनी कोई ऐसी फोटो भी नहीं डालूंगा जिसमें कोई राजनीतिज्ञ हो।
धन्यवाद
होशियार सिंह, कनीना।
प्रिय दोस्तों
बार-बार निवेदन करने पर भी आप में से कुछ दोस्त किसी पार्टी से संबंधित फोटो या सामग्री मेरे फेसबुक पर टैग कर देते हैं। बार-बार निवेदन किया गया है कि मैं किसी पार्टी या नेता से प्यार नहीं करता अपितु साहित्य या धार्मिक वस्तु एवं फोटो से ही लगाव है। कृपया किसी नेता या पार्टी से संबंधित बातें अपने पास रखिए। ये गलियारों की बातें हैं गलियारों में करते रहिये। भविष्य में कृपया ध्यान दीजिए। धन्यवाद
होशियार सिंह लेखक, कनीना
बार-बार निवेदन करने पर भी आप में से कुछ दोस्त किसी पार्टी से संबंधित फोटो या सामग्री मेरे फेसबुक पर टैग कर देते हैं। बार-बार निवेदन किया गया है कि मैं किसी पार्टी या नेता से प्यार नहीं करता अपितु साहित्य या धार्मिक वस्तु एवं फोटो से ही लगाव है। कृपया किसी नेता या पार्टी से संबंधित बातें अपने पास रखिए। ये गलियारों की बातें हैं गलियारों में करते रहिये। भविष्य में कृपया ध्यान दीजिए। धन्यवाद
होशियार सिंह लेखक, कनीना
कनीना से छह किमी दूर बव्वा की शीतला माता मंदिर जहां बासौड़ा का विशाल मेला लगता है तथा बाल उतरवाने की रस्म पूर्ण की जाती है।
पतित, पावन, पावक देख आती है एक याद
होलिका तो जल गई, बच गए भक्त प्रहलाद।
--भक्त प्रहलाद की जय। होलिका का पर्व बुराई का अंत करने का प्रतीक है। भगवान् विष्णु प्रहलाद भक्त की भांति सभी पर स्नेह एवं प्यार उड़ेलता रहे। ---होशियार सिंह
होलिका तो जल गई, बच गए भक्त प्रहलाद।
--भक्त प्रहलाद की जय। होलिका का पर्व बुराई का अंत करने का प्रतीक है। भगवान् विष्णु प्रहलाद भक्त की भांति सभी पर स्नेह एवं प्यार उड़ेलता रहे। ---होशियार सिंह
कनीना
में करीब 800 वर्षों से होलिका दहन जिस जगह होता आ रहा है उस जगह होलिका
दहन से पूर्व प्रहलाद भक्त की पूजा अर्चना करते हुए नर-नारी।



























No comments:
Post a Comment