Sunday, February 02, 2020

ग्वारपाठा- एक उत्तम औषधि
*****************************
*************************************
**************************************
About this website
बारिश में हरियाली तीज पर दिखाई देने वाला लाल रंग का अति सुंदर जीव जिसे ग्रामीण लोग तीज कहते हैं, यह रेन बग, रेड वेल्वेट माइट्स नाम से जाना जाता है जिसे विज्ञान की भाषा में ट्रोंबिडियम स्पीशिज कहते हैं। यह लकवा रोग एवं शारीरिक शक्ति बढ़ाने के काम आने वाली दवाओं में काम आता है। दुर्लभ जीव को बचाने का प्रयास करें।
आड़ू एक रसीला एवं गुठली वाला कम अमल अधिक पोटाशियम, विटामिन एवं प्रोटीन वाला फल है जिसे पीच नाम से जाना जाता है। उत्पादन में चीन देश नंबर वन पर है। विस्तृत जानकारी मेरे ब्लाग पर पढ़े।
जिला महेंद्रगढ़ के खुडाना गांव में करीब दो किमी ऊंचाई की पहाड़ी पर मां भगवती का मंदिर अति मनमोहक एवं चढ़ाई करने वाले स्वस्थ जनों के सेहत के लिए अनुकूल है। यहां नवरात्रों में दो बार मेला लगता है। लीजिए मां दुर्गा के दर्शन करें।
कटेली जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में झलझाई कहते हैं। यह पीले फलों वाला थाई एग कहलाता है। पेट की बीमारी, चर्म रोग एवं कई दुसाध्य रोगों में काम आता है। गर्भवती महिला को खाना वर्जित है। इसके बारे में विस्तार से मेरे ब्लाग पर देखे।
Comments
Write a comment...





एक डाल पर बैठे पक्षी
दिखला रहे मिल एकता
एक माटी से बना इंसान
क्यों दिखाता है अनेकता।
Comments
Write a comment...





Comments
Write a comment...





भूमि आंवला जिसे स्टोन ब्रेकर, भूई आंवला आदि नामों से जाना जाता है जो एक छोटा सा शाक है जिसके पत्ते के नीचे आंवला जैसे ही फल लगते हैं। यह पत्थरी के रोग में, लिवर की बीमारी एवं कई अन्य रोगों में काम आता है। विस्तृत देखे मेरे ब्लाग पर।
Comments
Write a comment...





कांस नामक घास जो धार्मिक पौधा है को जंगली गन्ना कहते हैं। यह रोगरोधी होने के कारण गन्ने से क्रासिंग के काम आता है। आयुर्वेद में इससे शारीरिक कमजोरी, कैंसर का रोग और बवासीर जैसे रोग दूर किए जाते हैं। विस्तार से मेरे ब्लाग पर पढ़े।
इवी(लबलब) घरों, जंगल या किसी नहर के किनारे बड़े लाल फूलों की बेल होती है जिसके फूलों पर काले रंग की हंमिंग बर्ड विशेषरूप से आकर्षित होती है। यह कुछ जहरीली बेल है जो खासी, जुकाम रोगों में ही नहीं अपितु रेटल सांप काटने पर जहर दूर करने के काम आती है। लकड़ी, ईंट व दीवार को नष्ट करने वाली इवी के बारे में मेरे ब्लाग पर पढ़े।

No comments: