ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से---
मीरा के गुरू कहलाते
संत शिरोमणि रविदास
ऊंच नीच को मिटाया
बुराइयों का करे नाश।
ताऊ बोला ताई से----
गुरू वो संमार्ग सिखाए
आपसी मतभेद मिटाए
छोटे बड़े सब समान है
सबको जो गले लगाए,
मन से चंगा जो कोई हो
गंगा उससे मिलने आए
मरकर जो प्रेरणा दे जाए
वो ही सच्चा संत कहाए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
आंसू
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93 वर्षीय गुरु से उनका शिष्य आकर उनके चरणों में गिरकर नमन किया तो गुरु की आंखों से आंसू निकल आए और अपने गले से लगाते हुए गुरु ने बस एक ही बात कही-बेटे, जैसे भी रहो, जिस हाल में रहो किंतु परहित में अपना जीवन लगा देना। मन को चंगा रखना। इतना सुनकर शिष्य ने आश्वस्त किया कि वो ताउम्र गुरु के कथन का पालन करेगा। उनको दिए गए विश्वास को गिरने नहीं देगा। इतना सुनकर गुरु ने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और कहा-बस इसी बात को लेकर मैं जीवित था। इतना कहकर गुरु के प्राण पखेरू उड़ गए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बलात्कार
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नई बीमारी आ गई है
कहलाता है बलात्कार
हिंदू समाज में नहीं थी
ऐसा बुरा कोई संस्कार,
मां बहनों को इज्जत से
बेटी खुश हो चलती थी
अंग्रेजों के शासन में ना
ये बुराई कभी पलती थी,
महाभारत, रामायण,युद्ध
नहीं मिलता ऐसा प्रमाण
भारत और भारतीयों की
अलग होती थी पहचान,
बलात्कारी नहीं हिंदू हैं
ये नहीं कोई संस्कारवान
ये गद्दार, देशद्रोही होते
बस इन्हें राक्षस ले मान।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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ताई बोली ताऊ से---
मीरा के गुरू कहलाते
संत शिरोमणि रविदास
ऊंच नीच को मिटाया
बुराइयों का करे नाश।
ताऊ बोला ताई से----
गुरू वो संमार्ग सिखाए
आपसी मतभेद मिटाए
छोटे बड़े सब समान है
सबको जो गले लगाए,
मन से चंगा जो कोई हो
गंगा उससे मिलने आए
मरकर जो प्रेरणा दे जाए
वो ही सच्चा संत कहाए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
आंसू
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93 वर्षीय गुरु से उनका शिष्य आकर उनके चरणों में गिरकर नमन किया तो गुरु की आंखों से आंसू निकल आए और अपने गले से लगाते हुए गुरु ने बस एक ही बात कही-बेटे, जैसे भी रहो, जिस हाल में रहो किंतु परहित में अपना जीवन लगा देना। मन को चंगा रखना। इतना सुनकर शिष्य ने आश्वस्त किया कि वो ताउम्र गुरु के कथन का पालन करेगा। उनको दिए गए विश्वास को गिरने नहीं देगा। इतना सुनकर गुरु ने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और कहा-बस इसी बात को लेकर मैं जीवित था। इतना कहकर गुरु के प्राण पखेरू उड़ गए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बलात्कार
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नई बीमारी आ गई है
कहलाता है बलात्कार
हिंदू समाज में नहीं थी
ऐसा बुरा कोई संस्कार,
मां बहनों को इज्जत से
बेटी खुश हो चलती थी
अंग्रेजों के शासन में ना
ये बुराई कभी पलती थी,
महाभारत, रामायण,युद्ध
नहीं मिलता ऐसा प्रमाण
भारत और भारतीयों की
अलग होती थी पहचान,
बलात्कारी नहीं हिंदू हैं
ये नहीं कोई संस्कारवान
ये गद्दार, देशद्रोही होते
बस इन्हें राक्षस ले मान।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



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