सोना कविता·
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना के प्रांगण से 17 जनवरी 2014 को डेहलिया का लिया गया चित्र।
साग, भाजी, रायता, पराठे बनाकर खाइये,
खून की कमी दूरी करें, बाथू घर में लाइये।
जोड़ों के दर्द में लाभकारी सहेजना पर आए फूल।
राज्य
स्तरीय खेलों के समापन अवसर पर खेड़ी तलवाना में द्रोणाचार्य अवार्डी
बलवान सिंह के हाथों से सम्मानित। साथ में जसमेर कोच, देशराज कोच सहित।
सर्दी का उपहार, दिलों में उपजता रहे प्यार,
मन बाग-बाग हो, डहेलिया पर आई बहार।
कोई गुड्डा देता तो कोई दे गोभी का फूल,
जन्म दिन मुबारक, गिफ्ट देना मत भूल।
आज बहुत सर्दी है। स्कूल में पूरी तैयारी के साथ जाना है। बैग भी तो भारी है और मैं छोटी हूं।
सर्दी का अनमोल उपहार
दिखाता गुलदावदी प्यार।
कनीना में सरसों के फूल
आकर देखना मत भूल।
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