शिक्षा
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मां की तबियत खराब होते देख अनीता को याद आया कि उसे मां की देखभाल करनी चाहिए। एक ओर परीक्षा का वक्त था वहीं मां की देखरेख की परीक्षा भी थी। परीक्षा को भूलाकर मां की देखरेख करने लगी कि तुरंत मां को होश आया और पूछा-तुम परीक्षा की तैयारी क्यों नहीं कर रही हो?
अनीता ने जवाब दिया-शिक्षक ने आज ही शिक्षा दी थी कि परीक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई चीज नहीं किंतु अगर मां बाप सामने परेशान हो तो उनकी सेवा सबसे बड़ी परीक्षा होती है। इस परीक्षा में पास होकर इंसान भव सागर से पार उतर सकता है। मां ने यह सुना और प्रसन्नता व्यक्त की।
** होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.......
वीर सैनिक देश के रक्षक
कर देते हैं जान न्यौछावर
सलाम करें इन वीरों को
ये होते हैं कंधे की कावड़।
ताऊ बेला ताई से..........
जम्मू कश्मीर हो या थार
वीर सैनिक ना मानते हार
देश सेवा में नहीं कोताही
जन जन को है इनसे प्यार,
जान की परवाह ना करते
देशहित उन्हें लगता प्यारा
भारत देश देशों का ताज हैं
ये जग की आंख का तारा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
युग
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कैसा होता है कलियुग
कैसे कैसे होते है लोग
पैसे के लिए दे दे जान
कैसा कलुषित यह रोग,
अत्याचार,नफरत भरी है
सारी दुनिया डरी डरी है
अपने ही दे देते हैं धोखा
बात सोलह आने खरी है,
देशद्रोह कर रहे है लोग
जो इस माटी का खाते है
देशभक्ति की बात चले तो
खा पीकर फुर्र हो जाते है,
एक दिन वो जरूर आएगा
जन जन से दूर हो जाएगा
सब कुछ बर्बाद हो जाएगा
जब कल्कि ईश्वर आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
होली
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लो आई है अब होली
खेल रहे होली के खेल
लुक्का छिपी करते युवा
भाईचारे का होता मेल,
फसल पकने को आई
गेहूं, सरसों ले अंगड़ाई
फाग की बहार है छाई
मस्ती में ताऊ और ताई,
कीट पतंगे,मच्छर बढ़े है
मचा हुआ जल का शोर
मदमस्त महीना होता यह
नाच रहे है जंगल में मोर,
रंग गुलाल रहे जन बिखेर
अब नहीं लगेगी कोई देर
चुक गए तो वक्त ना आए
रग डालकर कर दो ढेर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना**
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मां की तबियत खराब होते देख अनीता को याद आया कि उसे मां की देखभाल करनी चाहिए। एक ओर परीक्षा का वक्त था वहीं मां की देखरेख की परीक्षा भी थी। परीक्षा को भूलाकर मां की देखरेख करने लगी कि तुरंत मां को होश आया और पूछा-तुम परीक्षा की तैयारी क्यों नहीं कर रही हो?
अनीता ने जवाब दिया-शिक्षक ने आज ही शिक्षा दी थी कि परीक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई चीज नहीं किंतु अगर मां बाप सामने परेशान हो तो उनकी सेवा सबसे बड़ी परीक्षा होती है। इस परीक्षा में पास होकर इंसान भव सागर से पार उतर सकता है। मां ने यह सुना और प्रसन्नता व्यक्त की।
** होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.......
वीर सैनिक देश के रक्षक
कर देते हैं जान न्यौछावर
सलाम करें इन वीरों को
ये होते हैं कंधे की कावड़।
ताऊ बेला ताई से..........
जम्मू कश्मीर हो या थार
वीर सैनिक ना मानते हार
देश सेवा में नहीं कोताही
जन जन को है इनसे प्यार,
जान की परवाह ना करते
देशहित उन्हें लगता प्यारा
भारत देश देशों का ताज हैं
ये जग की आंख का तारा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
युग
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कैसा होता है कलियुग
कैसे कैसे होते है लोग
पैसे के लिए दे दे जान
कैसा कलुषित यह रोग,
अत्याचार,नफरत भरी है
सारी दुनिया डरी डरी है
अपने ही दे देते हैं धोखा
बात सोलह आने खरी है,
देशद्रोह कर रहे है लोग
जो इस माटी का खाते है
देशभक्ति की बात चले तो
खा पीकर फुर्र हो जाते है,
एक दिन वो जरूर आएगा
जन जन से दूर हो जाएगा
सब कुछ बर्बाद हो जाएगा
जब कल्कि ईश्वर आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
होली
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लो आई है अब होली
खेल रहे होली के खेल
लुक्का छिपी करते युवा
भाईचारे का होता मेल,
फसल पकने को आई
गेहूं, सरसों ले अंगड़ाई
फाग की बहार है छाई
मस्ती में ताऊ और ताई,
कीट पतंगे,मच्छर बढ़े है
मचा हुआ जल का शोर
मदमस्त महीना होता यह
नाच रहे है जंगल में मोर,
रंग गुलाल रहे जन बिखेर
अब नहीं लगेगी कोई देर
चुक गए तो वक्त ना आए
रग डालकर कर दो ढेर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना**





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