Sunday, February 23, 2020

खाटू श्याम 
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चल पड़े निशान लेकर
जा रहे रिंगस की ओर
तीन बाणधारी की जय
खाटू श्याम उनका ठोर,
अबला, पुरुष अलबेेले
रट लगा रहे खाटूश्याम
कलियुग के है श्रीकृष्ण
आज के दिन बड़ा नाम,
लंबी कतारें दूर दूर तक
लगे हुए पग पग पड़ाव
खूब सेवा  हो भक्तों की
दिल में उमंग और चाव,
नीले घोड़े की है सवारी
नहीं उन जैसा बलशाली
भक्तवत्सल  कहलाते वो
सबकी करते हैं रखवाली।
**होाियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

        बेर 

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बेर आए बाजार में
खट्टे मीठे गोल गोल
विटामिन के स्रोत हैं
रुपयों में  मिले तोल,
मुंह की एक्सरसाइज
कर देते  स्वस्थ दांत
फाइबर इनमें मिलते
स्वस्थ हो जाती आंत,
देशी और बागों वाले
या फिर हो झाड़ी बेर
बेच रहे खुले बाजार
लगे हुए हैं इनके ढेर,
गरीबों की रोटी रोजी
पाल रहे  निज बाल
बेरोजगारी कसूती हो
कर देती  है बदहाल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**



ताई ताऊ संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.....
इंसान चांद  पर जाएगा
हम भी एक दिन जाएंगे
अपनी  बैलों  की जोड़ी
साथ अपने ही ले जाएंगे।
ताऊ बोला ताई से......
सारे  खेत  क्यार बेचकर
तब ही चंद्रमा पर जाएंगे
यहां से बैल नहीं ले जाए
चांद पर खरीद ले आएंगे,
मेहनत करे मिलकर वहां
खूब  गेहूं, बाजरा उगाएंगे
मोटे  दामों पर अनाज बेच
दोनों ही अमीर बन जाएंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा** 


प्यार 

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बड़े चाव से नव आगंतुक महिला ने सब्जी और रोटी बनाई। किंतु सब्जी में मिर्च बहुत अधिक डाली गई थी और समझ रही थी कि उनकी सब्जी खाकर परिवार प्रसन्न होगा। किंतु ज्योंही सब्जी परिजनों ने खाने का प्रयास किया तो भारी मात्रा में मिर्च पाकर सभी चुप्पी साधे प्रसन्न थे। महिला उनके मुस्कुराते चेहरे को देखकर समझी कि उन्होंने सब्जी बहुत बढिय़ा बनाई है। किंतु जब वो स्वयं चखने लगी तो उसे पता लगा कि प्यार के कारण ये सभी बोल नहीं रहे थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


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