Thursday, February 20, 2020





जलाभिषेक 
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महाशिवरात्रि का दिन था कि भक्तजन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर रहे थे। एक बुजुर्ग गंगाजल लेकर नहीं आ सका। तभी उसने शिवभोले से प्रार्थना की कि भोलेनाथ मेरी लाज रखना। जब मैं शिवलिंग के पास पहुंचकर गंगा जल अर्पित करना चाहूं तब बारिश कर देना। ज्योंहि भक्त शिवलिंग के पास पहुंचा तो बारिश होने लगी। उपस्थित भीड़ प्रसन्न हुई और कहा-यह भक्त सच्चे दिल से अरदास कर रहा था। पवित्र बारिश ने जलाभिोक कर दिया। इनकी अरदास सुन ली है। बुजुर्ग भी प्रसन्न था।
**होशियार सिंह, लेखक, कनीना, हरियाणा**



ताऊ ताई संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.......
महाशिवरात्रि का पर्व आया
पैदल चलके शिवालय जाऊं
गंगाजल से जलाभिषेक करूं
शिवभोले का  दर्शन मैं पाऊं।
ताऊ बोला ताई से.........
भोले बाबा करते सब भली
उनके दम से खिलती कली
विश्व में सबसे ज्यादा भक्त
याद करके विपत्ति भी टली,
बेलपत्र, बेर, गाजर चढ़ाकर
कर लो शिवभोले को प्रसन्न
धोक लगा, गंगाजल अर्पित
हो जाता है पवित्र तन-मन।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

श्रद्धा व भक्ति 

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जिसमें श्रद्धा व भक्ति
पा लेता  अपार शक्ति
प्रभु नाम रटते रटते ही
मिल जाएगी उसे तृृप्ति,
प्रभु, गुरु,  माता-पिता
कहलाते भक्ति आधार
कष्ट न दो इन देवों को
बरसे बस इनका प्यार,
देते रहते हैं  जो धोखा
न मिलता  उन्हें मौका
चंद दिन की जिंदगी है
यह है एक हवा झोंका,
शुभ कर्म करते रहना है
इंसान की पहला वसूल
धोखा देगा जो जन को
एक दिन  फांकेगा धूल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

 


चलों मेले में 
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रामू ने कहा राज से
महाशिवरात्रि  आई
गांवों में लगे हैं मेले
झूलों ने  धूम मचाई,
पैसे लेकर चल पड़े
रामू और  राज मेले
पहुंचे भाग  दौड़कर
मिलकर खाए  केले,
सीटी खरीदकर एक
चल पड़े सीटी मारते
पैदल चल चल थके
पर हिम्मत ना हारते,
खूब मजा लूटा  मेले
हो गए वे अति प्रसन्न
कोई इच्छा नहीं रही
खुश हुआ तन - मन।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


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