पछतावा
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पेड़ आज जो काटता है
एक दिन वो पछताएगा
सांस लेना दूभर होगा
घोर अंधेरा फिर छाएगा,
पेड़ सजीव कहलाते है
मत नहीं करो अत्याचार
धरती से ये लुप्त हो जाए
उस दिन निश्चित हो हार,
पेड़ों के बल पर ही जन
नाम कमाता आ रहा है
अमृता और गौरा जग में
नाम जगत में छा रहा है,
पेड़ बड़ी वो संपत्ति होते
मत ना व्यर्थ बर्बाद करो
ये ही सुख दुख के साथी
सौगंध तुम्हें कुछ तो डरो।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से........
परीक्षा सिर पर आई
मुन्ना नहीं पढ़ता अब
समय अगर बीता तो
पास होगा मुन्ना कब।
ताऊ बोला ताई से.........
समय पर काम करता
नहीं पछताना पड़ता है
काम से जो जी चुराए
वो बार बार मरता है,
नाम होता जगत में भी
जो समय के साथ चले
आई मुसीबत आएगी
वो टारे से भी नहीं टर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बेईमानी
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बच्चे के सामने पिता भैंस के दूध में पानी मिला रहा था। बच्चा सारी कहानी देख रहा था कि तभी दूध का ग्राहक आ गया। पिता ने अपने बच्चे के सामने ही ग्राहक से कहने लगा-मैंने कभी अपने जीवन में दूध में पानी नहीं मिलाया है। दूध में पानी मिलाना अन्याय होता है। बच्चा अपने पिता की करनी एवं कथनी में अंतर समझ गया और वहीं से बेईमानी सीख ली। बच्चा भी बेईमान बन गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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पेड़ आज जो काटता है
एक दिन वो पछताएगा
सांस लेना दूभर होगा
घोर अंधेरा फिर छाएगा,
पेड़ सजीव कहलाते है
मत नहीं करो अत्याचार
धरती से ये लुप्त हो जाए
उस दिन निश्चित हो हार,
पेड़ों के बल पर ही जन
नाम कमाता आ रहा है
अमृता और गौरा जग में
नाम जगत में छा रहा है,
पेड़ बड़ी वो संपत्ति होते
मत ना व्यर्थ बर्बाद करो
ये ही सुख दुख के साथी
सौगंध तुम्हें कुछ तो डरो।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से........
परीक्षा सिर पर आई
मुन्ना नहीं पढ़ता अब
समय अगर बीता तो
पास होगा मुन्ना कब।
ताऊ बोला ताई से.........
समय पर काम करता
नहीं पछताना पड़ता है
काम से जो जी चुराए
वो बार बार मरता है,
नाम होता जगत में भी
जो समय के साथ चले
आई मुसीबत आएगी
वो टारे से भी नहीं टर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बेईमानी
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बच्चे के सामने पिता भैंस के दूध में पानी मिला रहा था। बच्चा सारी कहानी देख रहा था कि तभी दूध का ग्राहक आ गया। पिता ने अपने बच्चे के सामने ही ग्राहक से कहने लगा-मैंने कभी अपने जीवन में दूध में पानी नहीं मिलाया है। दूध में पानी मिलाना अन्याय होता है। बच्चा अपने पिता की करनी एवं कथनी में अंतर समझ गया और वहीं से बेईमानी सीख ली। बच्चा भी बेईमान बन गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





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