दूध मलाई
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स्कूल जरूर जाऊंगा
पीकर दूध मलाई
गुरू शिष्य की परंपरा
युगों युगों से आई,
पुस्तक, पोथी पढ़कर
करूंगा देश सेवा
मां बाप की सेवा करके
मिलेगी सुंदर मेवा,
पढ़ लिख महान बनूंगा
ऊंचा हो जाए नाम
दिन रात मेहनत करूंगा
यही हमारा है काम,
कभी नहीं घबराऊंगा मैं
यही रहेगा मेरा वादा
देश बनेगा उन्नत विशाल
यही रहे मेरा इरादा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
स्रोत
*******************
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सूर्य हमारा देव है
देता सदा प्रकाश
ऊर्जा का स्रोत यह
रोगों का करे नाश,
हवा बहती शीतल
देती है जीवन दान
जब तक पवन बहे
जन जन है महान,
पानी दिनोंदिन घटे
कर लो कोई उपाय
खत्म होगा धरा से
फिर करते रहो हाय,
वैकल्पिक स्रोत होते
सबसे बेहतर व प्यारे
हम इनके आधीन हैं
ये रक्षक कहाते हमारे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कैंसर
****************
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बढ़ रहा समाज में
घातक सा यह रोग
एक एक करके कई
मर रहे देश में लोग,
अनियंत्रित कोािकाएं
बना लेती हैं आबूर्द
दर्द कभी कभी होता
कैंसर की है वह मूर्त,
कितने जा चुके अभी
कितने ही चले जाएंगे
जब तक दवा न बने
असहाय से हो जाएंगे,
जहरीला खानपान है
अभी और बन जाएगा
अगर यूं ही फैलती रहे
खौफनाक मंजर आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से....
गांव गली में फैला है
कैंसर का घातक रोग
जिंदगी से हार जाते हैं
कैसे बे-बश बने लोग।
ताऊ बोला ताई से.....
कब आए इसकी दवा
कब बच जाएंगी जान
तब तक जन खिलौना
इतना मन से पहचान,
एक रोग काबू आता है
नया कोई आता उभर
यह संसार जब तक रहे
बस जप मुंह से हर हर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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स्कूल जरूर जाऊंगा
पीकर दूध मलाई
गुरू शिष्य की परंपरा
युगों युगों से आई,
पुस्तक, पोथी पढ़कर
करूंगा देश सेवा
मां बाप की सेवा करके
मिलेगी सुंदर मेवा,
पढ़ लिख महान बनूंगा
ऊंचा हो जाए नाम
दिन रात मेहनत करूंगा
यही हमारा है काम,
कभी नहीं घबराऊंगा मैं
यही रहेगा मेरा वादा
देश बनेगा उन्नत विशाल
यही रहे मेरा इरादा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
स्रोत
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सूर्य हमारा देव है
देता सदा प्रकाश
ऊर्जा का स्रोत यह
रोगों का करे नाश,
हवा बहती शीतल
देती है जीवन दान
जब तक पवन बहे
जन जन है महान,
पानी दिनोंदिन घटे
कर लो कोई उपाय
खत्म होगा धरा से
फिर करते रहो हाय,
वैकल्पिक स्रोत होते
सबसे बेहतर व प्यारे
हम इनके आधीन हैं
ये रक्षक कहाते हमारे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कैंसर
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बढ़ रहा समाज में
घातक सा यह रोग
एक एक करके कई
मर रहे देश में लोग,
अनियंत्रित कोािकाएं
बना लेती हैं आबूर्द
दर्द कभी कभी होता
कैंसर की है वह मूर्त,
कितने जा चुके अभी
कितने ही चले जाएंगे
जब तक दवा न बने
असहाय से हो जाएंगे,
जहरीला खानपान है
अभी और बन जाएगा
अगर यूं ही फैलती रहे
खौफनाक मंजर आएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से....
गांव गली में फैला है
कैंसर का घातक रोग
जिंदगी से हार जाते हैं
कैसे बे-बश बने लोग।
ताऊ बोला ताई से.....
कब आए इसकी दवा
कब बच जाएंगी जान
तब तक जन खिलौना
इतना मन से पहचान,
एक रोग काबू आता है
नया कोई आता उभर
यह संसार जब तक रहे
बस जप मुंह से हर हर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**









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