Monday, February 10, 2020

पीतल की परांत 
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दोनों भाई झगड़ रहे थे कि पीतल की परांत कहां गई? एक दूसरे पर छुपाने का आरोप लगा रहे थे। एक दूसरे को दोषारोपण कर रहे थे कि पीतल की परांत तक बता नहीं रहे हैं। तभी एक भाई ने कहा-तुम कैसे भूल गए कि पीतल की परांत तो सोने में मिला मिलाकर आभूषण बना लोगों को दे दिए। इतनी कमाई तभी तो हुई कि बड़ा मकान बनाकर लड़की एवं लड़के की शादी कर डाली है। दूसरे भाई ने जब यह वाक्या सुना तो मौन रह गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

 ताई ताऊ संवाद 

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ताई बोली ताऊ से.......
सत्ता के लोलुप कितने
कर रहे मार और काट
गरीबों के धन पर ऐश
कर रहे हैं जमकर ठाठ।
ताऊ बोला ताई से.......
दो प्रकार के नेता  होते
एक रक्षक  एक भक्षक
सेवा करने  वाले अच्छे
भक्षक लगते नाग तक्षक,
धीरे धीरे समय बदलता
एक दिन वो भी आएगा
ये भक्षक  भीख  मांगेगे
करनी पर वो पछताएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

सजा 

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सजा मिलती पाप की
परदादा,दादा,बाप की
करेगा सो भरेगा जरूर
छाया पड़ती श्राप की,
भृगु ने मारी  थी लात
भोगा बहुत ही सुदामा
बुरे कर्म  फल  मिला
झेला था शकुनी मामा,
बुरे कर्म किए कंस ने
महल में ही मारा गया
हिरण्याकश्यप   भोगा
नए पाप का फल नया,
करो कर्म मिलेगा फल
आज नहीं  जरूर कल
सत्कर्मों के बल पर ही
होती हर समस्या हल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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