दोहा
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खूब कमाते लोग हैं, मिले नहीं आराम।
खाना पीना छोड़ कर, रात दिन करे काम।।
पैदा जब इंसान हो, मिलता ऋण का भार।
लाख शीश के दान से, सकता नहीं उतार।।
जब तक प्राण शरीर में, पुतला भी इंसान।
तन से निकले सॉँस तो, माटी काया मान।।
विषय-मासूमियत
विधा-कविता
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मासूमियत सामने आये, मन प्रसन्न हो जाता है,
देख-देख उसका चेहरा, प्रेम उमड़कर आता है,
मासूमियत झलक उठती, बालक और बच्चे में,
हर दिल को अजीज लगे, खोट न हो सच्चे में।
मासूमियत झलक उठती, जब अपना साथी हो,
मासूमियत देखते जब, दूल्हा,दुल्हन बाराती हो,
मासूमियत के बल पर, मन में उमंग जागती है,
कभी कभी जोश भरता है,संग में वो नाचती वो।
मासूमियत की बात करें , देखकर मन हैरान है,
मासूमियत से दिल जीत, निराली होती शान है,
चेहरे फिरते लाख मिले,मिलती है सदा मुस्कान,
मासूमियत कभी-कभी,ले लेती मानव की जान।
थोड़े दिन, थोड़े समय, चलती है ये मासूमियत,
अधिक समय नहीं टिक सकती,वरना हो दुर्गत,
मासूम बनो,मासूमियत का ढोंग नहीं रचाना तुम,
दर्द कभी ना मिल जाये,मासूमियत हो जाये गुम।
मन में जब खुशी भरी, जग लगता मासूम सारा,
दर्द मिले जन को जब, कुछ भी न लगता प्यारा,
आओ एकता संचार करे, मन हो जाए खुद खुश
दर्द मिटे हर जन सारे, नहीं बचेगा फिर ये दुख।
प्रेम भरा जगत है सारा, प्रेमी मिलते कई हजार,
मासूमियत वो देख देख,मन में उठे खुशी फुहार,
प्रेमी संग प्रेमिका रहती, मासूमियत देती उपहार,
मासूमियत जग प्यार है,मासूमियत जग आधार।।
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विषय-अश्क/आंसू
विधा-कविता
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पैदा होता इंसान, लिये आंसू और मुस्कान,
जितने दर्द वो सहता,उतना बने जग महान,
खुशियां मन को हर्षाए,दर्द परीक्षा पहचान,
नसीब अपना अपना, मिले दर्द या मुस्कान।
सदा नहीं होते एक से,आते रहेंगे दिन रात,
मिला है जिनका आज साथ,कल छूटे साथ,
हॅँसता खेलता बच्चा,न जाने कब हो अनाथ,
आज जिसे हम पूजते,कल मिल जाये लात।
बड़े बड़े राजा हुये, जलती जिनसे थी घास,
वक्त ऐसा आ गया, उनका भी हो गया नाश,
गोता लगाते जोर से, हिम्मत की देते थे दाद,
एक दिन ऐसा आ गया, भूल गये सभी सॉँस।
दर्द के अफसाने सुने, बहते सुन-सुन आंसू,
धन दौलत से लदे हुये, कहलाते थे नर धांसू,
आया ऐसा वक्त भी, बिक गये सभी घर बार,
आंसू बहे बीच चौराहे पर, मानी जग से हार।
आंसू की सदा कद्र करो, आंसू ज्यों आसमान,
आंसू होते जग में बे-मोल हैं, जाने सारा जहां,
आंसू दिल की सच बतलाते,नहीं होते बेईमान,
सोच ले हे नर तू अब, आंसू गरीब की शान।।




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