पेड़ों से वायु, वायु से आयु
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विधा- कविता
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पेड़ों से वायु, वायु से आयु बढ़ती है,
कार्बनडाइआक्साइड गैस घटती जाये,
जगत में जहां भी, जगह मिलती बस,
वहीं पे अधिक से अधिक पेड़ लगाये।
देवों की भांति पूजा होती पेड़ों की जग,
पीपल, बरगद बहुत ही काम भी आये,
युगों युगों से सहारा देते आये हैं ये पेड़,
बस धरा पर पेड़ों को जमकर ही बचाये।
फल फूल दे,अन्न धन देते,कहाते हैं पेड़,
बुजुर्गों को इन्होंने देखा,निराले हो ये पेड़,
जीवन में मृत्यु तक ये,आते रहते हैं काम,
हरी भरी बना दे धरा को, हो जाएगा नाम।
गर्मी जब सताती है,पेड़ों का मिले सहारा,
वर्षा अगर लानी होती है,पेड़ लगता प्यारा,
परहित में जीते हैं पेड़, सुंदर जहां में नाम,
पेड़ों की सेवा करने को,जीवन मिले दुबारा।
नहीं कोई दूजा साथी है, पेड़ साथ निभाते,
रोते हुए पेड़ के पास जा,मन में जन हर्षाते,
पेड़ों की महिमा को ,कितने लोगों ने जाना,
जिंदगी इस धरा पर मानव की, पेड़ बचाते।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
दल समूह झुंड
-कविता
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रहते खाते झुंड में वो,
पशु करते वन विहार,
एकता की गर बात हो,
अलग मिलेंगे विचार।
दल में रहना सीखते,
इसलिये पशु है नाम,
खाते पीते वो सो जाते,
होती है जब भी शाम।
दल बनाते नेता लाग,
होता उनको वो रोग,
भूल जाते प्रेम प्यार,
विचार मिलते हजार।
कुछ नेता खाते मिले,
देश का करे बदहाल,
पीछे चलता वोटर भी,
बजा रहा बस ताल।।
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नितांत मौलिक एवं स्वरचित
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*होशियार सिंह यादव
वार्ड नंबर 11, मोहल्ला मोदीका
कनीना-123027
जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा






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