Thursday, April 14, 2022

                       भूल हुई
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विधा-कविता   
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मानव गलती पुतला, करता गलती हजार,
गलती देती सबक जन, रहना सदा तैयार।
भूल नहीं हो कोई अगर,कहलाता है देव,
गलती को स्वीकार करें, मिलता जग प्यार।।

भूल हुई कोई अगर,सहर्ष कर लो स्वीकार,
भूल अगर स्वीकार नहीं, जीवन हो बेकार।
जब तक मिली जिंदगी, करते रहो गलतियां,
गलती करने को मिली,ये जिंदगी जन उधार।।

भूल क्षमा के योग्य है,क्षमा सबसे बड़ा दान,
गलती को क्षमा करे, वो जन बड़ा ही महान।
गलती पर गलती करें,वो कहलाता है शैतान,
गलती कर बस मान ले, बढ़ती जन की शान।।

भूल हुई गर मत पिता, समझो बुजुर्ग की भूल,
बच्चे के लिए तत्पर मिले, जीवन का है वसूल।
बड़े बुजुर्ग कर सकते हैं,वे गलती कभी कभार,
क्षमा करो उनको सदा, देना सदा जमकर प्यार।।


भूल हुई गरुदेव से, होता है यह कभी संयोग,
गुरुदेव क्षमा योग्य होता, उनके बिना वियोग।
गुरुदेव की महिमा, गाते आये कितने ही लोग,
गुरु को देते दोष कोई, कहलाता है बड़ा रोग।।

भूल हुई जीवन कभी, मौका मिले करो सुधार,
कदम कदम पर अवसर मिले, यही हो आधार।
गलती करके दबाना चाहे, नहीं जगत में ठीक,
गलती कर पश्चाताप करे, मिले जहां का प्यार।।

नहीं चाहता इंसान जग, कर बैठे कोई गलती,
पर गलती हो जाये तो, दर्द समान दिल पलती।
गलती कभी कभी नहीं आती, जन की पकड़,
गलती करके पता लगे,नहीं दिखा तब अकड़।।

मशीन भी कभी कभी कर देती है बड़ी गलती,
कभी कभी लगती है,जन ने जानकर की गलती।
जानबूझकर गलती करता, वह जन हो अज्ञानी,
गलती करके देश करते हैं, कई बार मनमानी।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400


    

रोला
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              1.

जमें  उसी  पर धाक , वार ऐसा ही करती ।
मिले  नहीं उपचार , चैन सुख सारा हरती ।
होता  है  निर्माण , कथा  ज्यूँ  तोता  मैना ।
मैं भी   हूँ   हैरान , देखकर   ये  दो  नैना ।।
                   2
सुनता सकल जहान ,  राधिका नियरे आई ।
पर केशव की आंख,रुक्मिणी तरफ लखाई ।
हो केशव दो भाग , बँट  गया  आधा आधा ।
बस मेरा  गौपाल , कह रही रुक्मिण राधा ।।
                    3.
बनता है  सहयोग , डरे यह दिल बेचारा ।
गम आकर सौ बार , बनाते जीवन धारा ।
जीने  खातिर  रोज , ढूँढता  नये  बहाने ।
जीकर मरता रोज ,वजह कोई ना जाने ।।
               4
खोया रूप  विराट , आदमी अब  रोता है ।
कर लो  पश्चाताप , न  उससे कुछ होता है ।
किए  बड़े  अपराध , तुम्ही  ने आँखें मीचे ।
अब गर्मी को झेल , काटकर बाग बगीचे ।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वा





र्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400

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