धरती दिवस 2022 थीम
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विधा-छंदमुक्त कविता
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धरती माता करे पुकार, सुन ले करुण कहानी,
जमकर प्रदूषण कर रहा,करता आया मनमानी।
पर्यावरण प्रदूषण बढ़ गया, जीना हुआ मुहाल,
कभी तूफान आ रहा,कभी बदले मौसम चाल।।
गंदे नाले बदबू दे रहे, उद्योगों से धुआं गुब्बार,
हरी भरी है धरती मां, देती जन जन को प्यार।
नहीं सुधरने का नाम लेता, रक्षक बना भक्षक,
कुछ को धरा पर काम करो,जीवन मिला उधार।।
युद्धों में धंसते जा रहे, माइक करते भारी शोर,
जंगल लुप्त हो गये, लुप्त हो गये चिडिय़ा मोर।
देख पर्यावरण समस्याएं, मन होता बड़ा उदास,
प्राकृतिक घटनाएं घट रही, नहीं चलता है जोर।।
ग्रीन हाउस प्रभाव बढ़ा,ग्लोबल वार्मिंग की मार,
गर्मी सर्दी बढ़ गई हैं,जीना हो चला अब बेकार।
मिलकर जब धरा को बचाये, निकले कोई हल,
प्रदूषण को रोक देना, मिले आत्मिक एक बल।।
धरती माता जन कहलाती, आज इसे बचाइये,
प्रदूषण से होती हानि, इससे धरा को बचाइये।
हरा भरा ग्रह कहलाता, देती है जन को सहारा,
धरती को साफ बनाकर, मन में इष्ट समाइये।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400
आज भी
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विधा-कविता
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युद्ध हुआ महाभारत, योद्धा गये मारे,
कैसे कैसे वीर गये, प्राणों के थे प्यारे।
आज भी धरती, उनको ही बस पुकारे,
कितनी मां के गये हैं,अनेक राजदुलारे।।
शहरों में आज भी, पानी की है कमी,
कीकर,पीपल पेड़ खड़े खड़ी है शमी।
पेड़ों की छांव में, जीव करते विश्राम,
उपजाऊ माटी,मनलुभावन मिल जमीं।।
गर्मी दस्तक दे चुकी, मन होता बेचैन,
ठंडा जल घड़े का, देता मन को चैन।
घड़ा घड़ते कुम्भकार, होगी बिक्री तेज,
आज भी बहुत से लोग,घड़े के हैं फैन।।
गर्मी दस्तक दे चुकी, मन होता बेचैन,
ठंडा जल घड़े का, देता मन को चैन।
घड़ा घड़ते कुम्भकार, होगी बिक्री तेज,
आज भी बहुत से लोग,घड़े के हैं फैन।।
खामोशियां कभी कभी,भरी मिलती राज,
खामोशी के आगे, छीन जाये तख्तोताज।
खामोश निगाहें आज भी घातक करे वार,
जिसकी आदत बन गई,नहीं मिले लाज।।
कुंभकर्ण सी नींद तो, मिली नहीं संसार,
उदाहरण बनी आज भी,जीवन हो बेकार।
छह घंटों की नींद,जरूर लेनी ही चाहिए,
पागल होता नींद बिन,नींद गले लगाइये।।
सादा खानपान होता, वीरों का था ये देश,
भरत जैसे भाई हुये, आज भी हैं अवशेष,
भाई-भाई में प्यार था, कल्पनातीत हमारा,
सुन आज की संस्कृति, दिल को लगे ठेस।
कब सुधरेंगे ये लोग, कब आये रामराज,
कब राक्षस खत्म हो,जन जन पे हो नाज,
आज भी ऐसे लोग हैं,जिनको नशा पसंद,
बदबू वो फैला रहे, समाज में फैली गंद।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400




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