नवरात्र महिमा
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विधा-कविता
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नवरात्रे त्योहार होते जो,
जगाते मन में जोश उमंग,
जप तप व्रत के पर्व होते,
भर दे मन में प्रीत के रंग।
नौ रूपों में सजा हुआ है,
मां का दरबार निराला है,
हर दिल में तुम बसी हो,
जन रटते मां की माला है।
हिमालय की पुत्री बनती,
मां शैलपुत्री कहलाती है,
जप व तप में प्रसिद्ध हो,
ब्रह्मचारिणी बन जाती है।
अर्धचंद्र हाथ लिये माता,
चंद्रघंटा मां कहलाती हो,
ब्रह्मांड की उत्पत्ति करती,
कूष्मांडा रूप कहाती हो।
पुत्र स्कंद की हो जननी,
स्कंदमाता यूं नाम पड़ा,
कात्यायन की पुत्री बनी,
कात्यायनी मां नाम बड़ा।
असुरों का संहार करो तो,
मां कालरात्रि का रूप धरे,
सर्वगुण संपन्न मनमोहिनी,
महागौरी मां का रूप हरे।
सब सिद्धियों को देती हो,
सिद्धिदात्रि मां नौंवा रूप,
तेरे गुणों की चर्चा करते,
देव, दानव, नर और भूप।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400
बुलंदी का गुमान
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विधा-कविता
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बुलंदी मिलती जब कभी, हो जाता गुमान,
भूल गया क्यों जग में,दो दिन का मेहमान।
हिम्मत से मिली बुलंदी, मत बन बेईमान,
सत्य,धर्म की राह चलो,रख जन में ईमान।।
बुलंदी का गुमान बुरा, करते जब जो लोग,
गुमान गिरा दे जन को,जैसे होता कोई रोग।
मिला नाम बुलंदी का, बना था कोई संयोग,
पाप कर्म मत कर, वरना पड़ता इसको भोग।।
गुमान,घमंड वो नाम हैं, राक्षस राज कहाते,
इंसान की मेहनत,लगन, पानी सम ये बहाते।
सबसे बेहतर जीवन सादा, रखो ऊंचे विचार,
परहित में जीना जाने, लोग उसे गले लगाते।।
छोड़ गुमान अविलंब, नाम अमर हो जाएगा,
अपनी करनी मेहनत का, सच्चा फल पाएगा।
कुछ उस दाता से डर, जिसकी सत्ता है न्यारी,
देख तुम्हें पुकार रही, कितनी जन सूरत प्यारी।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400


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