Thursday, December 31, 2020

  दोहा
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बीत गया वो काल था, आएगा विश्वास।
बधाई तुम्हें भोर नव, देगा खुशियां खास।।

खूब दुआएं दे रहा, रहो सदा खुशहाल।
झोली खुशियों से भरे,आया नूतन साल।।

अंतिम दिन है काम का, बीता पूरा साल।
नूतन दस्तक दे रहा , खुश रहना हर हाल।।



यादों से उम्मीदों तक
विधा-कविता
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2020 को दे दो विदाई,
इसने सारी हँसी मिटाई,
हस्तियां कई इसे खाई,
चले जाने में है भलाई।

आया था जब से साल,
हो गया है जन बदहाल,
बनके आया जन काल,
बोली बंद की वाचाल।

2020 ने  छीना रोजगार,
मचा दिया था हाहाकार,
किसान,मजदूर रोये खूब,
बहुत बुरा रहा ये बेकार।

2021 अब खुशियां लाये,
खूब हँसे मन को हर्षाये,
माला  लेकर खड़े तैयार,
आ जा जल्दी देना प्यार।

करना सबकी भली भली,
देख तुझे हँसे फूल कली,
गीत गाये जन गली गली,
नववर्ष की लो हवा चली।।
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विषय-जीवन सफर
विधा-कविता
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जीवन सफर है,
यह सफर ही रहेगा
आने वाला 2021,
बस यही तो कहेगा।

एक साल बीता
कहलाया वर्ष 2020
खुशियां लेकर,
नव वर्ष आएगा 2021

एक साल में
बहुत कुछ जन खोया,
हँसा बहुत कम
अधिक समय वो रोया।

रोकर या हँसकर
शेष जीवन अब बीताना,
आने वाले 2021
अब तू और नहीं सताना।

अगर हम बचे तो,
अगले वर्ष फिर मिलेंगे,
बस फिलहाल तो
2020 अलविदा कहेंगे।।
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वर्ष 2020 के अनुभव
विधा-कविता
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2020 ने बहुत सीखाया,
खूब रुलाया खूब हँसाया,
घर में बैठे रहे हम भूखे,
रोजगार तक छीन भगाया।

वर्षभर रहे स्कूल भी बंद,
शराब बेचकर अमीर चंद,
मन में चलती रही है द्वंद्व,
एकाध बार हँसे मंद मंद।

घरवाले हुये बहुत दुखी,
किसान मजदूर ना सुखी,
कोरोना का रोग यूं फैला,
दुनिया देखी वर्षभर दुखी।

अच्छा नहीं था वर्ष 2020,
अभागा वर्षों तक कहलाए,
साल 2020 जल्दी से जाए,
लौटकर नहीं आये ना आये।।


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