मां, बेटी, नारी
*******************************
*************************
****************************
विधा-पद्य(कविता)
**********
घर में होती एक बेटी
कहाती है राजदुलारी,
जब बड़ी हो जाती है
बन जाती है एक नारी।
नारी जब फल जाती
वो बन जाती एक मां,
निज वर्चस्व लुटाती है
ममता पास बुलाती है।
बेटी से नारी बनती है
नारी से बनती वो मां,
ममता की मूरत होती
उसका हो अपना जहां।
*होशियार सिंह यादव
व्यथा
****************************
******************************
****************************
कौन उठाएगा मुझको
कौन देगा अब सहारा,
किसके सहारे जीऊंगा
बतलाओ मुझे हे देवा।
बूढा अकेला रहता हूं
जग के कष्ट सहता हूं,
कौन कष्टों से जाएगा
नौका किनारे लाएगा।
एक दिन ऐसा आएगा
मैं जग से उठ जाऊंगा,
कोई सहारा नहीं मिले
मैं जीते जी मर जाऊंगा।
उसके आंसू टपक टपक
धरती भी हो गई थी नम,
बुजुर्ग के आंसू नहीं मिटे
गम नहीं हो पाया कम।
***
*होशियार सिंह यादव
पद्य- क्षणिकाएं
***********
एकता में एक बल है,
समस्याओं का हल है।
सारा जहां एक होगा,
नजदीक ऐसा पल है।
दो
एक से एक हाथ मिलते,
खुशियों के चेहरे खिलते।
एकता में वह ताकत होती
जिसे देख दुश्मन जलते।
तीन
हाथ से हाथ मिलाओ,
कदम से कदम बढ़ाओ।
गरीबों पर तरस खाकर,
गिरते जन को उठाओ।
***
*होशियार सिंह यादव
कविता(क्षणिकाएं)
*******************
*********************
एक
हम में होता है दम,
नहीं किसी से कम।
एक साथ युद्ध करे,
बन सकते हैं बम।।
दो
हम से बने संसार,
बढ़े दिलों में प्यार।
मिलते जब कई तो
बातें होती हैं हजार।।
तीन
हम हो शब्द बड़ा,
मिलकर देश खड़ा।
बापू गांधी के समय
अहिंसा से ही लड़ा।
जरा सुनो
******
जग में जो आता है
वो एक दिन जाता है,
अपने धन दौलत का
क्यों घमंड दिखाता है?
***
**होशियार सिंह यादव,कनीना
-भाग्य
****
गलती नर खुद ही करे,रहा भाग्य को कोस।
अपनी गलती दूर कर, नहीं किसी का दोष।।
***
*होशियार सिंह यादव
-भाग्य
****
गलती पर गलती करे, भाग्य को रहा कोस।
अपनी गलती दूर कर, भाग्य का नहीं दोष।।
***
*होशियार सिंह यादव
विषय-भाग्य
****
भाग्य मानव से कहे,कर ले सुंदर काम।
बुरे कर्र्म दिल में बसे, होता मैं बदनाम।
***
*होशियार सिंह यादव
विषय-रुष्ट
****
मधुर वाणी बोल सदा, जन होते संतुष्ट।
कड़वे बोल विष समान, कर देते हैं रुष्ट।।
***
*होशियार सिंह यादव
विषय-भाग्य
****
देता भाग्य साथ जब, गरीब के हो ठाठ।
जब भाग्य मुॅँह फेर ले, बच्चा बने अनाथ।।
***
हिंदी लेखक परिवार
14 मई 2020
**********
खुश कर देते हैं चंदा- तारे,
अनोखे हैं कुदरत के नजारे।
***
**होशियार सिंह यादव, कनीना, हरियाणा**

No comments:
Post a Comment