जरा सुनो
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दिल बार बार देता दुआएं।
अब दिल भी तेरे हवाले है।।
जरा सुनो
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भूतकाल सुंदर था, वर्तमान महान, वहीं भविष्य बनेगा पहचान। भूतकाल,वर्तमान एवं भविष्यकाल को बराबर न आंको।
**होशियार सिंह यादव,कनीना 09416348400
मीरा
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जहर का प्याला पीकर, मीरा दे पैगाम।
गुरु चरणों में बैठकर, हो जाता है नाम।
विषय- घरवाली बाहरवाली
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अग्नि संग फेरे लेकर
जो देती है सात वचन
पति की सेवा सदा करे
अर्पित कर दे तन मन।
साथ रहने व जीने की
कसमें खाती जो नारी,
उस नारी के आगे तो
देव व दुनिया भी हारी।
सुख दुख की हो साथी
वह नारी होती घरवाली
करती परिवार देखभाल
पति को ही समझे माली।
घर से बाहर जो मिलती
कर देती जो रातें काली,
औरत नहीं वो कलंक है
कहलाती जो बाहरवाली।
बाहरवाली दुखदाई होती
घरवाली होती सुख दाता
बाहरवाली संग रहता जो
कभी नहीं जन सुख पाता।
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तुलसी
तुलसी इस संसार के, दिल में पलता पाप।
मौका लख ध?खा करे , मन में ना हो धाप।।
2. सूर
सूरदास संसार में, लो भगवन् का नाम।
सुबह शाम लेते रहो, बन जाते हैं काम।।
3. कबीर
कबिरा तन घृणा भरी, नित करते हैं पाप।
मन में गठड़ी पाप की, वो नर जैसे सॉँप।।



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