जल बचत
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ले आ गई होली
करेंगे जल बचत
जो जल बवाएगा
नमन हो शत शत,
चंदन टीका लगा
खेलों सब होली
बदन को भिगाओ
मिलके बने टोली,
घट रहे संसाधन
बचालो इन्हें अब
जब समाप्त होंगे
सोचोगे फिर कब,
रंग खेलना खूब है
डालना नहीं पानी
होली रंग देखकर ,
तरस रही जवानी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
होली
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होलिका दहन होगा
चारों ओर खड़े लोग
ढाल बिड़कले डाले
कैसा है यह संजोग,
होलिका का दहन है
प्रह्लाद भक्त की जीत
खुशी भरा दिन होता
जन- जन में हो प्रीत,
मन से सभी चाहते हैं
प्रह्लाद भक्त अमर हो
हिरण्याकश्यप दानव
नहीं कोई भी डर हो,
बच गए प्रह्लाद भक्त
जलकर मरी होलिका
मारा गया हिरण्याक्ष
डर नहीं था टोली का।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
मर मरकर भी याद रखे
वो मां की ममता होती है
जब भी बच्चा कष्ट में हो
वो पास खड़ी ही रोती है।
ताऊ बोला ताई से.........
हर युग में मां तो मां होती
निज फर्ज सदा निभाती है
सुख दुख में वो काम आए
वो ऐसा कुछ कर जाती है,
सदा कष्ट भरा जीवन रहता
फिर भी वो ना घबराती है
जहां भी उनको याद करो
वहीं खड़ी मिल जाती है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
दर्शन
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बच्चा अस्पताल में पड़ा मां मां पुकार रहा था। उसकी मां दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और बेहोश थी। ज्यों ही उसे होश आया तो दौड़कर बच्चे तक पहुंची। डाक्टर देखकर दंग थे कि एक औरत पूर्णरूप से घायल है और कहां भगी जा रही है। सीधी बच्चे तक पहुंची और कहा-बेटा, तुझे इतनी अधिक लगी। देखकर चिल्लाने लगी। बच्चे ने आंख खोली तो मां को सम्मुख पाया। बच्चा मां को देखकर प्रसन्न हुआ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**






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