Thursday, March 05, 2020

मेला 
******************************
*************************** 
**********************************
एकादशी का मेला है
आते भक्त कई हजार
हंसी खुशी  चेहरों पर
पूजा करते नर व नार,
निशान हाथों में लिए
बढ़ रहे भरकर जोश
नहीं थकान चेहरे पर
चलते रहते कई कोस,
अपार भक्तिधारा बहे
बोल रहे जय जयकारे
खाटू को प्यारे हो भक्त
दिल से लगा  रहे नारे,
अपार तांता लगा हुआ
लंबी लंबी लगी कतार
फल,फूल अर्पित करते
भीड़ है  लाखो हजार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना**




ताऊ ताई संवाद 

*******************
********************




ताई बोली ताऊ से.....
खाटू के दर्शन कर लिए
अब मोलडऩाथ के जाऊं
भक्ति दिल से करके ही
मैं उनका आशीर्वाद पाऊं।
ताऊ बोला ताई से.........
मोलडऩाथ का मेला भारी
चढ़ती जहां शक्कर बेशुमार
ऊंट  और  घुड़दौड़ देखने
आते  भक्तजन कई हजार,
बहुत कम ऐसे देवता होंगे
जिनकी महिमा अति भारी
दर्शन करके,  धोक लगाते
पूजते जिनको नर व नारी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


मां 

*************
**************************
आप्रेशन की मेज पर अपनी मां को निहारता बच्चा बार बार मां से कह रहा था-मां, आंखें खोलों। मैं तुम्हारे बगैर जीवित नहीं रह पाऊंगा। मां तुम ही तो मेरे जीवन का सहारा हो। मां ने एक बार आंखें खोली और जवाब दिया-जिस बच्चे के दिल में मां के प्रति इतना प्यार हो उसके लिए तो मां कभी नहीं मरती है। इतना कहकर मां ने सदा सदा के लिए आंखें बंद कर ली। बच्चे की आंखों में आंसू थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

No comments: