कर्फ्यू
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जनता का है कर्फ्यू
हो गए घर में सब बंद
थाली बजा दो हौंसला
शुभ काम किया बुलंद,
प्रधानमंत्री की मानकर
देश दिखाए एकजुटता
कोरोनावायरस मार दो
्रदिखलाओ देश एकता,
दुश्मन की चाल कहाए
छोड़ा जैविक हथियार
ज्यादा दिन नहीं टिकते
नहीं मिलता उन्हें प्यार,
प्रभु से करो प्रार्थना एक
सबकी रख ले अब खैर
सभी धरती के प्राणी है
ना पनपे आपसे में बैर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
जल दिवस
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घटता जा रहा धरा जल
कैसे बचेगा जब हो कल
सूझ नहीं रहा कोई हल
सूख चले हैं धरा के नल,
जल पहुंचा है पाताल में
नहीं मिलता है अब जल
ढूंढ ढूंढ धक गए हैं सारे
जल का ना मिलता हल,
सोच समझके करे प्रयोग
जल नष्ट करना एक रोग
जल बचाना सभ्यता होती
जल बचत कहाए संजोग,
आओ एक शपथ ले अब
बचाएंगे सब मिलके जल
जब धरा पर होगा जल
सारी समस्याएं होंंगी हल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कोरोनावायरस
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रामू जोर जोर से चिल्ला रहा था-डाक्टर साहब मुझे छुट्टी दे दो। मैं खेतों में जाकर काम करना चाहता हूं। मेरे देश के गरीबों का पेट भरना चाहता हूं।
डाक्टर साहब ने उन्हें समझाया कि कोरोनावायरस से पीडि़त हो गए हो। अब तुम्हें छुट्टी नहीं मिलेगी। तुम्हारा समुचित इलाज होगा।
.....किसान रामू ने कहा कि मैं किसी कोरोनावायरस से नहीं डरता, चाहे मौत हो जाए। एक ना एक दिन सभी को मरना होता है किंतु मैं खेत में काम करके अन्न पैदा कर अनाज मंडी तक पहुंचाऊंगा। बेशक फिर मेरी मौत ही क्यों न हो जाए ताकि आने वाली पीढ़ी यह नहीं कहेगी कि रामू ने मरते दम तक काम नहीं किया। अगर मैं खेतों में काम करते हुए प्राण त्यागता हूं तो लोग मुझे जीवनभर याद करेंगे, मेरे उदाहरण देकर लोगों को को मेरी याद दिलाएंगे।
जब डाक्टर ने रामू के विचार सुने तो आंखों में अश्रु धार बह निकली और कहा-धन्य है मेरा देश और धन्य है मेरे देश के किसान। इसलिए ही तो भारत देश कहलाता है महान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से...
एक ओर जल दिवस है
दूसरी ओर कोरोना मार
जल और जीवन बचाएं
दूर हो विपत्तियां हजार।
ताऊ बोला ताई से..........
जल और जीवन होते हैं
देते हैं एक दूसरे को बल
जल और जीवन कीमती
बचाने का ढूंढों कोई हल,
जब जल की धारा बहेगी
जीवन हो जाए खुशहाल
रामराज का सपना साकार
मन में ना रहे कोई मलाल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा**
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जनता का है कर्फ्यू
हो गए घर में सब बंद
थाली बजा दो हौंसला
शुभ काम किया बुलंद,
प्रधानमंत्री की मानकर
देश दिखाए एकजुटता
कोरोनावायरस मार दो
्रदिखलाओ देश एकता,
दुश्मन की चाल कहाए
छोड़ा जैविक हथियार
ज्यादा दिन नहीं टिकते
नहीं मिलता उन्हें प्यार,
प्रभु से करो प्रार्थना एक
सबकी रख ले अब खैर
सभी धरती के प्राणी है
ना पनपे आपसे में बैर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
जल दिवस
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घटता जा रहा धरा जल
कैसे बचेगा जब हो कल
सूझ नहीं रहा कोई हल
सूख चले हैं धरा के नल,
जल पहुंचा है पाताल में
नहीं मिलता है अब जल
ढूंढ ढूंढ धक गए हैं सारे
जल का ना मिलता हल,
सोच समझके करे प्रयोग
जल नष्ट करना एक रोग
जल बचाना सभ्यता होती
जल बचत कहाए संजोग,
आओ एक शपथ ले अब
बचाएंगे सब मिलके जल
जब धरा पर होगा जल
सारी समस्याएं होंंगी हल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कोरोनावायरस
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रामू जोर जोर से चिल्ला रहा था-डाक्टर साहब मुझे छुट्टी दे दो। मैं खेतों में जाकर काम करना चाहता हूं। मेरे देश के गरीबों का पेट भरना चाहता हूं।
डाक्टर साहब ने उन्हें समझाया कि कोरोनावायरस से पीडि़त हो गए हो। अब तुम्हें छुट्टी नहीं मिलेगी। तुम्हारा समुचित इलाज होगा।
.....किसान रामू ने कहा कि मैं किसी कोरोनावायरस से नहीं डरता, चाहे मौत हो जाए। एक ना एक दिन सभी को मरना होता है किंतु मैं खेत में काम करके अन्न पैदा कर अनाज मंडी तक पहुंचाऊंगा। बेशक फिर मेरी मौत ही क्यों न हो जाए ताकि आने वाली पीढ़ी यह नहीं कहेगी कि रामू ने मरते दम तक काम नहीं किया। अगर मैं खेतों में काम करते हुए प्राण त्यागता हूं तो लोग मुझे जीवनभर याद करेंगे, मेरे उदाहरण देकर लोगों को को मेरी याद दिलाएंगे।
जब डाक्टर ने रामू के विचार सुने तो आंखों में अश्रु धार बह निकली और कहा-धन्य है मेरा देश और धन्य है मेरे देश के किसान। इसलिए ही तो भारत देश कहलाता है महान।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से...
एक ओर जल दिवस है
दूसरी ओर कोरोना मार
जल और जीवन बचाएं
दूर हो विपत्तियां हजार।
ताऊ बोला ताई से..........
जल और जीवन होते हैं
देते हैं एक दूसरे को बल
जल और जीवन कीमती
बचाने का ढूंढों कोई हल,
जब जल की धारा बहेगी
जीवन हो जाए खुशहाल
रामराज का सपना साकार
मन में ना रहे कोई मलाल।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा**







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