नवरात्रे
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नौ रूपों में पूजी जाए
दुर्गा मां के ये नौ रूप
कहीं स्वर्ण सी सुंदर
कहीं काली है कुरूप,
व्रत और पूजा के पर्व
जप तप के ये आधार
पुराना अन्न छोड़ कर
तब नव से करो प्यार,
मां की शरण में आए
हो जाता है बेड़ा पार
हर क्षेत्र में जीत मिले
कभी नहीं होगी हार,
कंजक जिमाते पर्व में
मेले और आए त्योहार
संकट सारे टल जाते
जो करता मां से प्यार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
मौत
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संपूर्ण अस्पताल मरीजों के दर्द से गूंज रहा था। डाक्टर दंपति हवाई जहाज से पहुंचे और बचाओ, बचाओ की गूंज सुनाई पडऩे लगी। जल्दी जल्दी में डाक्टर दंपति मरीजों के बीच कूद पड़ा और देखते ही देखते करीब 150 लोगों का जीवन बचा दिया किंतु यह क्या दंपति खुद वायरस से पीडि़त हो गया। उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था। अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में कुछ प्रबंध तो किए किंतु असफल रहे। दंपति ने एक दूसरे की ओर देखा और मुस्कुराकर दम तोड़ दिया। किसी ने उन्हें भगवान कहा तो किसी ने उन्हें देवी देवता कहा किंतु सभी की आंखों में आंसु थे।वो आज सभी से सदा सदा के लिए अलविदा हो रहा था। आंसु रोके भी नहीं रुक रहे थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से.......
नवरात्रे और नव संवत
एक साथ दस्तक दे रहे
कोरोना से बचकर रहो
देवी देवता यह कह रहे।
ताऊ बोला ताई से........
लील रहा कोरोना जीवन
यह है मेरे दिल का दर्द
चिल्ला रहे बच्चे व बच्ची
खामोश हुए औरत-मर्द,
पूजा अर्चना बाकी बची
वो भी पूरी कर जाऊंगा
अगर जगत से चला गया
वापस लौटकर न आऊंगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा**
2077
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विक्रमी संवत 2077
दे रहा आज दस्तक
नप विक्रमादित्य को
नमन करो शत शत,
हूणों को हराकर के
टेक्सास नदी पहुंचा
घोड़ों को जल पिला
मातृभूमि को सींचा,
इसी खुशी में उन्होंने
विक्रमी संवत चलाया
कर लो राजा को याद
आज वो दिन आया,
पीले वस्त्र धारण कर
पीले पकवान बनाओ
हिंदू नव वर्ष आया है
जमकर खुशी मनाओ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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नौ रूपों में पूजी जाए
दुर्गा मां के ये नौ रूप
कहीं स्वर्ण सी सुंदर
कहीं काली है कुरूप,
व्रत और पूजा के पर्व
जप तप के ये आधार
पुराना अन्न छोड़ कर
तब नव से करो प्यार,
मां की शरण में आए
हो जाता है बेड़ा पार
हर क्षेत्र में जीत मिले
कभी नहीं होगी हार,
कंजक जिमाते पर्व में
मेले और आए त्योहार
संकट सारे टल जाते
जो करता मां से प्यार।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
मौत
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संपूर्ण अस्पताल मरीजों के दर्द से गूंज रहा था। डाक्टर दंपति हवाई जहाज से पहुंचे और बचाओ, बचाओ की गूंज सुनाई पडऩे लगी। जल्दी जल्दी में डाक्टर दंपति मरीजों के बीच कूद पड़ा और देखते ही देखते करीब 150 लोगों का जीवन बचा दिया किंतु यह क्या दंपति खुद वायरस से पीडि़त हो गया। उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था। अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में कुछ प्रबंध तो किए किंतु असफल रहे। दंपति ने एक दूसरे की ओर देखा और मुस्कुराकर दम तोड़ दिया। किसी ने उन्हें भगवान कहा तो किसी ने उन्हें देवी देवता कहा किंतु सभी की आंखों में आंसु थे।वो आज सभी से सदा सदा के लिए अलविदा हो रहा था। आंसु रोके भी नहीं रुक रहे थे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से.......
नवरात्रे और नव संवत
एक साथ दस्तक दे रहे
कोरोना से बचकर रहो
देवी देवता यह कह रहे।
ताऊ बोला ताई से........
लील रहा कोरोना जीवन
यह है मेरे दिल का दर्द
चिल्ला रहे बच्चे व बच्ची
खामोश हुए औरत-मर्द,
पूजा अर्चना बाकी बची
वो भी पूरी कर जाऊंगा
अगर जगत से चला गया
वापस लौटकर न आऊंगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,महेंद्रगढ़, हरियाणा**
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विक्रमी संवत 2077
दे रहा आज दस्तक
नप विक्रमादित्य को
नमन करो शत शत,
हूणों को हराकर के
टेक्सास नदी पहुंचा
घोड़ों को जल पिला
मातृभूमि को सींचा,
इसी खुशी में उन्होंने
विक्रमी संवत चलाया
कर लो राजा को याद
आज वो दिन आया,
पीले वस्त्र धारण कर
पीले पकवान बनाओ
हिंदू नव वर्ष आया है
जमकर खुशी मनाओ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**







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