विकट
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विकट स्थिति बनी है
हिम्मत से लेंगे काम
जो हिम्मत ना छोड़ेगा
जग में हो बड़ा नाम,
घरों में शांत रहना है
सादा खाना खाते रहो
मीट, मांस से दूर रहो
कोरोना को टाटा कहो,
भीड़, मेले,उत्सव बंद
रोगी से रहना है दूर
भारतीय पद्धति अपना
भारतीयता पर हो गरूर,
दुश्मन के इरादे हैं फेल
अब ना वो बच पाएगा
यूं ही अगर जुल्म करे
मिट्टी में मिल जाएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से....
स्कूल कालेज बंद हुए
लावणी का पड़ा जोर
कोरोना की मार पड़ी
कैसा समय आया घोर?
ताऊ बोला ताई से.....
रामू का अवकाश हुआ
सारे मिलकर करें काम
खेतों की लावणी करेंगे
वापस आए जब शाम,
गर्मी बढ़ी, कीट बढ़े हैं
कोरोना तप से मर जाए
दवा जल्द खोजेंगे हम
चीन कितना जोर लगाए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
मार
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दो जून की रोटी कमाने के लिए ठेले पर प्रतिदिन बेर बेचने पड़ रहे थे। पहले ही अपंग था और पूरे परिवार का भरण पोषण बेरों से कर रहा था। कोरोनावायरस क्या फैला बेचारे के बेर बिकने ही बंद हो गए। सरकार ने आदेा भी जारी कर दिया कि किसी प्रकार कि सब्जी एवं फल बाजार में नहीं बेचे जाएंगे। अब तो दस दिन पूरे परिवार को भगवान भजन करके ही बिताना होगा। इसे कहते हैं बुरे समय में वो दाता ही काम आता है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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विकट स्थिति बनी है
हिम्मत से लेंगे काम
जो हिम्मत ना छोड़ेगा
जग में हो बड़ा नाम,
घरों में शांत रहना है
सादा खाना खाते रहो
मीट, मांस से दूर रहो
कोरोना को टाटा कहो,
भीड़, मेले,उत्सव बंद
रोगी से रहना है दूर
भारतीय पद्धति अपना
भारतीयता पर हो गरूर,
दुश्मन के इरादे हैं फेल
अब ना वो बच पाएगा
यूं ही अगर जुल्म करे
मिट्टी में मिल जाएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से....
स्कूल कालेज बंद हुए
लावणी का पड़ा जोर
कोरोना की मार पड़ी
कैसा समय आया घोर?
ताऊ बोला ताई से.....
रामू का अवकाश हुआ
सारे मिलकर करें काम
खेतों की लावणी करेंगे
वापस आए जब शाम,
गर्मी बढ़ी, कीट बढ़े हैं
कोरोना तप से मर जाए
दवा जल्द खोजेंगे हम
चीन कितना जोर लगाए।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
मार
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दो जून की रोटी कमाने के लिए ठेले पर प्रतिदिन बेर बेचने पड़ रहे थे। पहले ही अपंग था और पूरे परिवार का भरण पोषण बेरों से कर रहा था। कोरोनावायरस क्या फैला बेचारे के बेर बिकने ही बंद हो गए। सरकार ने आदेा भी जारी कर दिया कि किसी प्रकार कि सब्जी एवं फल बाजार में नहीं बेचे जाएंगे। अब तो दस दिन पूरे परिवार को भगवान भजन करके ही बिताना होगा। इसे कहते हैं बुरे समय में वो दाता ही काम आता है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




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