लो चले
*************************
****************************
*************************
लो चले खाटू द्वार
नहीं मानते हम हार
सारे कष्ट मिट जाते
मिले प्रभु का प्यार,
निशान लेकर चले
मन के फूल खिले
एक साथ सब चले
सभी लगते हैं भले,
दूर है प्रभु तो क्या
जरूर उन्हें पाएंगे
जब धोक लगाएंगे
कष्ट दूर हो जाएंगे,
देव बड़े दयालु हो
रखना हम पर कृपा
प्यार सदा बरसाओ
कर दो दया की वर्षा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
*************************
****************************
*************************
लो चले खाटू द्वार
नहीं मानते हम हार
सारे कष्ट मिट जाते
मिले प्रभु का प्यार,
निशान लेकर चले
मन के फूल खिले
एक साथ सब चले
सभी लगते हैं भले,
दूर है प्रभु तो क्या
जरूर उन्हें पाएंगे
जब धोक लगाएंगे
कष्ट दूर हो जाएंगे,
देव बड़े दयालु हो
रखना हम पर कृपा
प्यार सदा बरसाओ
कर दो दया की वर्षा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


No comments:
Post a Comment