चर्चा
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चर्चा हर तरफ हो रही
कोई वायरस आया है
जनता को परेशान कर
सितम उसने ही ढाया है,
लोगों का खून बहाकर
आता आनंद दुष्टों को
वो ना जाने क्या बीतती
जो सहता है कष्टों को,
खुद मरते औरों को मारे
कैसी हवस यह छाई है
डब्ल्यूएचओ ने इसको
महामारी इसे बताई है,
सहमे हुए हैं नर व नारी
कोरोना वायरस बीमारी
भारी घाटा हो रहा अब
तंग आई सरकार हमारी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
गलियों में चर्चा हो रही
कोरोना वायरस आया है
कई ही लोग लील लिए
इसने तो सितम ढाया है।
ताऊ बोला ताई से........
सोची समझी चाल यह
जीवाणु हथियार कहाए
घातक रोग कहलाता है
पल में यह मार गिराए,
ढूंढ रहे हैं इसकी सिरम
जल्द ही काबू में आएगा
देश पर है भरोसा इतना
जन जन को वो हंसाएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
गुरु
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दरवाजे पर दस्तक सुनकर रमेश ने दरवाजा खोला तो एक युवक ने रमेश के पैर छुए। युवक ने नम्रता से कहा-हे मेरे गुरुदेव, आपका एक शिष्य हूं। आज से 30 साल पूर्व आपके कदमों में बैठकर शिक्षा पाई थी। आपको कैसे भूला सकता हूं। मैं अब कालेज का प्राचार्य हू। रमेश ने युवक को छाती से लगा लिया और अश्रु धार बह निकली। आज रमेश को अपनी मेहनत पर नाज था। उनका सीना फक्र से ऊंचा हो गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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चर्चा हर तरफ हो रही
कोई वायरस आया है
जनता को परेशान कर
सितम उसने ही ढाया है,
लोगों का खून बहाकर
आता आनंद दुष्टों को
वो ना जाने क्या बीतती
जो सहता है कष्टों को,
खुद मरते औरों को मारे
कैसी हवस यह छाई है
डब्ल्यूएचओ ने इसको
महामारी इसे बताई है,
सहमे हुए हैं नर व नारी
कोरोना वायरस बीमारी
भारी घाटा हो रहा अब
तंग आई सरकार हमारी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
गलियों में चर्चा हो रही
कोरोना वायरस आया है
कई ही लोग लील लिए
इसने तो सितम ढाया है।
ताऊ बोला ताई से........
सोची समझी चाल यह
जीवाणु हथियार कहाए
घातक रोग कहलाता है
पल में यह मार गिराए,
ढूंढ रहे हैं इसकी सिरम
जल्द ही काबू में आएगा
देश पर है भरोसा इतना
जन जन को वो हंसाएगा।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
गुरु
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दरवाजे पर दस्तक सुनकर रमेश ने दरवाजा खोला तो एक युवक ने रमेश के पैर छुए। युवक ने नम्रता से कहा-हे मेरे गुरुदेव, आपका एक शिष्य हूं। आज से 30 साल पूर्व आपके कदमों में बैठकर शिक्षा पाई थी। आपको कैसे भूला सकता हूं। मैं अब कालेज का प्राचार्य हू। रमेश ने युवक को छाती से लगा लिया और अश्रु धार बह निकली। आज रमेश को अपनी मेहनत पर नाज था। उनका सीना फक्र से ऊंचा हो गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**





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