वादा है तुझसे/दोहे
****************************
**************************
*********************************
मरना जीना साथ है , समझ इसे इकरार ।
वादा है तुझसे सदा , मुझे रहेगा प्यार । 2।
वादा है तुझसे यही , कभी न होंगे दूर ।
लोगों के तानें भले , करें हमें मजबूर । 4।
एक तमन्ना दिल बसे, जिये मरे हम साथ ।
हंसी खुशी जीवन कटे, रहे हाथ में हाथ । 6।
वादा है तुझसे नहीं , होगा अब टकराव ।
पड़े कभी ना देखना , फिर ऐसा बिखराव । 8।
*******************
वादा है तुझसे
दोहे****************************
मरना जीना साथ है , समझ इसे इकरार ।
वादा है तुझसे सदा , मुझे रहेगा प्यार । 2।
प्यार सदा कायम रहे, कभी न होंगे दूर ।
लोगों के तानें भले , करें हमें मजबूर । 4।
एक तमन्ना दिल बसे, जिये मरे हम साथ ।
हंसी खुशी जीवन कटे, रहे हाथ में हाथ । 6।
जीवन में आगे बढ़े, सफल सभी हो काम।
वादा है तुझ से यही, सदा रटे प्रभु नाम । 8।
मनमीत/कविता
*************************
जिसके साथी संगी,
गाये दोस्त के गीत,
याद सदा ही आते,
होते हैं जो मनमीत।
दुख दर्द मिट जाते,
जब साथी दे साथ,
बैरी भी डर से भगे,
लेते हैं हाथों हाथ।
मनमीत जब मिले,
बनते सारे ही काम,
मनमीत जब गायब,
होगा जन बदनाम।
मनमीत सदा रखो,
बुरे वक्त आये काम,
खूब बड़ाई हो जग,
होगा जन का नाम।।
मच्छर का आतंक/स्वैच्छिक
विधा-हास्य/व्यंग्य
*************************
घर में मच्छर बढ़े,
मचा भारी आतंक,
ताऊ, ताई रो रहे,
मच्छरों से थे तंग।
सेर खून पी गये,
शेर सिंह का आज,
उछल कूद करता,
खुजला रहा खाज।
ताई पिंजरा लाई,
पकडऩा उन्हें चाहा,
रात भर बैठी रही,
हाथ नहीं आया।
ताऊ बोला लाऊंगा,
कल मोटा सा डंडा,
पीट पीटकर उनको,
कर दूंगा बस गंडा।
कोई रजाई ओढ़ता,
डर लगता है भारी,
मच्छरों के सामने
सारी दुनिया हारी।।
*************************






No comments:
Post a Comment