स्मृति
विधा-कविता
*******************
*************************
*************************
अनहद स्मृतियों में उलझा,
युवा वर्ग का चाहत संसार,
भूल गये अपने पराये को,
खो गया अपनों का प्यार।
स्मृति सदा मिलती है भरी,
जैसे कंप्यूटर हार्ड डिस्क,
अनंत विचार चिर स्थायी,
कहीं खुशियां कही रिस्क,
मरते वक्त स्मृति होती साफ,
जीवनभर न करता वो माफ,
कलुषित,आडंबर में ढ़ककर,
एक दिन हो शाम मिले राख।
बचपन में पनपती कई यादें,
युवा वर्ग में भरी मिले हजार,
बुढ़ापे में विघटित होती जाए,
भूल जाता सुधबुध और प्यार।
युगों युगों से चली आ रही हैं,
कितने प्रकार की रस्म रिवाज,
स्मृतियों में शेष अवशेष रहेंगी,
बस उन लम्हों को करते याद।
कभी वक्त की, काली छाया,
स्मृति,विस्मृति भेद नहीं पाया,
स्मृतियों की यादों ने, हँसाया
तो कभी विस्मृतियों ने रुलाया।।
****************************
*******************
किस्मत वालों को मिलता है
विधा-कविता
*************************
************************
किस्मत वालों को मिलता है,
जग में धन,दौलत,बुद्धि प्यार,
कितने लोग किस्मत को रोते,
मचाते रहते हैं वो हा-हाकार।
बपौती में मिल जाता है धन,
काला कलूटा जिनका है मन,
किस्मत उनकी होती अच्छी,
पूजा करते देेखे कितने जन।
शक्ल में बारह बज चुके हैं,
पर दौलत होती पास अपार,
सेवा करते नौकर चाकर सब,
न जाए इनका जीवन बेकार।
किस्मत वालों को मिलता है,
इस सारे जगत में एक प्यार,
प्यार कोई जगत पा जाता है,
जीवन सफल हो नहीं बेकार।
ज्ञान मिले विज्ञान मिले कभी,
बेशक तन से करे अत्याचार,
बुद्धि इतनी किस्मत से मिली,
सारी दुनिया करती उसे प्यार।
किस्मत वालों को मिलता है,
अच्छा जहान में सखा दोस्त,
जहां भी जाए वो नाम कमाए,
उसके लिए दे तन का गोश्त।
नजर डालकर जग में देख लो,
कितने हुये है अत्याचारी लोग,
धन, दौलत,वैभव के वे चलते,
मिटा चुके तन के कितने रोग।
किस्मत वालों को मिलता है,
माता पिता गुरु का आशीर्वाद,
कुछ को नसीब नहीं होता है,
आता है फिर रह रहकर याद।
किस्मत वालों को मिलता है,
अपनी बहन का जग में प्यार,
भैया दूज जब आती है कभी,
तरसता है भाई बहन दुलार।
किस्मत वालों को मिलता है,
प्रसन्नता का भरा एक पिटारा,
कितने जीवन भर दुख झेलते,
खो जाता है आंखों का तारा।
किस्मत वालों को मिलता है,
प्रभु भक्ति, शक्ति का नजारा,
भक्ति में मीरा सी खोई रहती,
प्रभु दाता बस मिलता सहारा।
किस्मत वालों को मिलता है,
अच्छा पास पड़ोस,भाईचारा,
घर में भरा परिवार सहित हो,
धन दौलत,छोटा राज दुलारा।
किस्मत वालों को मिलता है,
सुघड़ नारी का जमकर प्यार,
घर को स्वर्ग बना देती है जो,
पल में देती हो खुशियां हजार।
किस्मत वालों को मिलता है,
जग में लक्ष्मण,भरत सम भाई,
जो भाई की खातिर मर मिटे,
खोदे ना आपस में कोई खाई।
किस्मत वालों को मिलता है,
स्वर्ग का सुख,मां की ममता,
कठिन हो जाता है जीवन भी,
घर बने नरक व खोये क्षमता।
किस्मत वालों को मिलता है,
बेहतर किस्मत का ये उपहार,
धरती के सुख हरदम भोगता,
मिले बंधु बांधवों का ही प्यार।।
दोहा *****
*******************
***********************
मीठा बनो जुबान का, सभी से करो प्रीत।
नुसखा जग में सीख लो, दुनिया गाये गीत।।
अपने धोखा दे रहे, घटा बहुत विश्वास।
मार रहे इंसान को, किसे बिठाये पास।।
मात पिता सम्मान दो, सदा करो उपकार।
मीठा सबसे बोलना, होगी कभी न हार।।





No comments:
Post a Comment