शब्द-करवट
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करवट बदले रात दिन, नहीं मिले फिर चैन।
तनाव में जन जी रहे, टप टप करते रैन।।
करवट बदली वक्त ने, बदल गया माहौल।
बेटा बापू आज दिन, खुलकर करे मखौल।।
मौसम करवट ले रहा, बढ़ी बहुत ही ठंड।
कोरोना का पहले जगत, झेल चुका है दंड।।
चांद और तुम्हारा ख्याल
विधा-कविता
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खांडसारी के करवे लेकर,मन ही मन हो रही खुश,
मन संताप मिटे अब सारे,नहीं रहेगा कोई भी दुख।
चांद बैरी सता रहा बड़ा,नहीं दे रहा दर्शन आज,
दोनों चांद निराले अजब,दोनों पर ही मुझको नाज।
नभ चंद्रमा दर्शन करके,घर के चांद दीदार करू
ऐ चांद मेरी अर्ज सुन ले,पता नहीं जीऊं या मरूं।
नाज मुझे मेरे चांद पर,जिसने मेरा दिया साथ,
नभ चंद्रमा शीतलता दे,रहे उनके हाथों में हाथ।
इंतजार की घडिय़ां आई,देख देख चांदनी शर्मायी,
पति को उम्र बढ़ जाएगी,होगी कभी नहीं रुसवाई।
सोलह शृंगार किये खड़ी,दो-दो चांद हुये दीदार,
लाखो वर्षों यूं ही चले,अमर रहे जहां में प्यार।
छलनी में से झांक रही,कैसा सलोना मेरा चांद,
धन्य भाग्य मेरा जीवन,बजती खुशियों की नांद।
जब तक जीऊं खुश रहूं,खुश रहे मेरा तो सुहाग,
आसमान को छू लेगा वो,अमर रहेगा मेरा सुहाग।
एक जोड़ी बनाई भगवान,सबसे सुंदर सबसे प्यारी,
युगों युगों तक याद रहेगी,प्रभु से यही विनती हमारी।
सजधज कर मुदित हुई,पल पल देख रहीं चांद,
ज्यों शेरनी नृत्य करती,अपने ही घर रूपी मांद।
एक चांद है छलनी में,दूजा चांद खड़ा है पास,
हँसी चेहरे पर झलकती,करे दर्द दिलों के नाश।
एक चांद 16 कला में,देता अमृतमय प्रकाश,
दिल की धड़कन चांद,पास खड़ा करता नाश।
याद है वो दिन हमको,जब आए थे दोनों पास,
दिल धड़क धड़क हुआ,बढ़ गया था निज सांस।
सुनहरा संगम होता है,चांद और चांदनी का,
जैसे मन को लुभाता,संबंध राग रागिनी का।
लंबी उम्र हो पति की,और जीये मेरा लाल,
धरा पर यह नाम रहे,प्रभु को यही पैगाम।
जैसे सुंदर सजे चंद्रमा,वैसे सजे, मेरा सुहाग,
सम शीतल स्वभाव हो,खुल जाये उसके भाग।
चांद नजर आ रहा है,दूजा चांद मेरे ही पास,
बुराई पाप का अंत हो,धन दौलत मिले पास।
कभी कभी तो यूं लगे,चंद्रमा उतर आया है,
अपने सुंदर रूप हमें,बहुत मन लुभाया है।
उम्र बड़ी हो जाएगी,जब तक रखती व्रत,
लाख उम्र जीये पति,पसंद मुझको हर शर्त।
चांद भी निकला, अघ्र्य भी दे दिया अब,
घर के चांद के दीदार होंगे, बतलाओ कब।।
पति ने पूरा रखा ख्याल, फिर पिलाया पानी,
दोनों में प्रीत बढ़ी, खुश हो गई घर की रानी,
इंतजार करो अगले वर्ष,यह बीता हंसी खुशी,
सदा खुशी में जीवन बीते, कोई नहीं रहे दुखी।।





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