Tuesday, May 03, 2022

 बस इतना बता
विधा-कविता   
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बस इतना बता दो, दाता का कहां निवास है,
मैं उनसे कितनी दूर हूं, कौन उसके पास है।
हर इंसान चलता है,बस उनके एक इशारे पे,
कभी तो मिलेंगे प्रभु, दिल में बस ये आस है।।

बस इतना बता दो,क्यों अब आप नाराज हो,
हर बात को छुपा लेते हो, तुम एक राज हो।
ईद का चांद बने हो, कहां यार तुम रहते हो,
साथ चले थे दोनों ही, तुम ही तो हमराज हो।।

बस इतना बता कोई तो, कहां जाते हैं मरकर,
जाना होगा एक दिन, बेशक बैठ जाना डरकर।
आना जाना प्रकृति का नियम,करना है पालन,
कैसे जीते हैं जग वाले किसी का दिल हरकर।।

बस इतना बता देना, कैसे जीते ये लोग जहां,
मरने पर नहीं आते लौट, चले जाते हैं कहां।
अपना अपना अंदाज जीने का, कहते हैं संत,
लाख कोशिश कर ले जन, जाना पड़ता वहां।।

बस इतना बता मेरे दाता, गरीब क्यों बनाये,
मजदूरी तक नहीं मिले, ऐसे क्यों हैं रुलाये।
दो जून की रोटी को,तरसता है सारा परिवार,
हाथ दिये जब सबको, क्यों फिर वो रुलाये।

बस इतना बता दे सागर, मोती कहां छुपाये,
ढूंढ ढूंढकर हार गये हैं, डुबकी कैसे लगाये।
मोती सम यह जीवन, गवां नहीं इसे बेमोल,
जीवन देकर आपने,










हर जन सब्ज दिखाये।।

बस इतना बता दो लोगों,क्यों तुम परेशान हो,
उठो आगे बढ़ते जाना, तुम ही जगत शान हो।
समय गवांना ना अपना, वरना हो जाएगी हार,
समय के साथ जो चले वो जग में महान हो।।

बस इतना बता दो, क्यों अपने हो जाए पराये,
कभी साथ नहीं देते हैं,वो हर पल हमें रुलाये।
वक्त बदलते देर नहीं लगती, कहां सताये दर्द,
कौन होता है जग में,जो हमको नैनों में बसाये।।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400




सुख
विषय-ताँका
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सुख मिलते
जीवन भर थोड़े
दुख हजार
देते दर्द इंसान
बनाते हैं महान।

चाहत होती
हर जन को सुख
मोड़ते देखे
दुखों से लोग मुख
होना नहीं विमुख।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा

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