Sunday, January 24, 2021

 

जरा सुनो
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आज का विषय-
दिल्ली में परेड के लिए ट्रैक्टरों का आना लगातार जारी,
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वाह रे वाह!  सरकार अभी है मौन नहीं अभी हारी।
दिल्ली में परेड के लिए ट्रैक्टरों का आना लगातार जारी।।
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सुभाषचंद्र बोस/पराक्रम दिवस
विधा-दोहे
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नेता चर्चित आज भी, कहते उनको बोस।
आजादी की राह पर, चले गये अफसोस।।

दिवस पराक्रम आज है, बोस रहेंगे याद।
नारा जग में गूंजता, नहीं करें फरियाद।।

देशभक्त होगा नहीं, जग में जैसा बोस।
कहां गये वो छोड़कर, इतना है अफसोस।।



विधा-कविता
बचाओ पेड़/कविता
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भूल गये क्यों, पेड़ ही हो सहारा,
खत्म हुये तो, नहीं मिलेंगे दुबारा,
रोयेगा मानव धरती का जो प्यारा,
फर्ज बनता है बचाओ पेड़ हमारा।

फल,फूल,छाया देते हैं जीवनभर,
इनके साये में होता नहीं लगे डर,
सब्जी,फूल,फल मिलता घर-घर,
खा पीकर मस्त हो बोलो हर हर।

खाद भी देते हैं ये जीवन में सारे,
गर्मी की छाया में बैठे जीव हमारे,
धरती माता कह रही करो शृंगार,
काट नहीं पेड़ को, दो इन्हें प्यार।

चिपको आंदोलन की करो याद,
अमृता ने कभी की नहीं फरियाद,
गौरा देवी ने लगाई प्राण आहुति,
पेड़ों को बचाओ नहीं बन जल्लाद।


आओ एक पेड़ हम भी रोप दें,
रक्षा, पानी, खाद उसको रोज दे,
आए लहलहाता फिर वो सवेरा,
डाल देगा धरा पर स्वर्ग ही डेरा।।
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विषय-जल
विधा -कविता
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खत्म करो दिन रात तो,
नहीं मिलेगा कोई हल,
शुद्ध पेयजल कह रहे,
नहीं मिलेगा फिर कल।

जीवन देने वाला अमृत,
कहलाए जीवन का हल,
रोक लो  बहते जल को,
मत बहाओ खुल ही नल।

जल बिना तड़प कर मरे,
धरती का हर जीवधारी,
जल से बढ़कर कुछ नहीं,
पुकार कर कहे धरा सारी।

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