Thursday, January 21, 2021

 दर्द
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जीवन में ऐसा मितु बनाओ,
 जिससे उर की सब व्यथा कहो।
साथी का दर्द सारा उठाओ,
  हरदम सबका दुख दर्द सहो।।
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दोहा
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दिल की धड़कन मेें मिले, ईश्वर का ही वास।
प्रेम भक्ति के मार्ग से, रहते मन के पास।।

सुख की छाया पास हो, करते ईश्वर भक्ति।
तोप और बंदूक से, ज्यादा होती शक्ति।।

अगर चाहिए जिंदगी, जीवन का उद्धार।
भक्ति सकल संसार में, भर देती है प्यार।।

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 दोहा
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सुख की छाया पास हो, कर लो ईश्वर भक्ति।
तोप और बंदूक से, ज्यादा मिलती शक्ति।।



श्याम तेरी बंसी
विधा-कविता
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श्याम तेरी बंसी, गाये मिलन गीत,
बंसी की धुन में बढ़े, जग की प्रीत,
जब बाजी बंसी, जग किया उद्धार,
पूरे देश जहांं में, बढ़ जाता है प्यार।

श्याम तेरी बंसी, गाये गीत मलहार,
कभी कुचीपुडी नृत्य में, बढ़ता प्यार,
जब तक बंसी बाजती, धरे कई रूप,
प्रसन्न होते नर नारी,खुश होत है भूप।

श्याम तेरी बंसी, करती है जन पुकार,
प्रेम मिलन गीत में, आ जायेगी बहार,
श्याम तेरी बंसी के, गुण  गाये संसार,
मधुर मिलन के रस में, बढ़ जाये प्यार।।







खता हो गई है
विधा-कविता
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खता हो गई है, चले जा रहे हैं,
ठहरो जरा तो, खुशबू आ रही है। 1।

दर्द में डूबे हुये हैं, लोग जहां वाले,
कोई खुशियों की, दुआ आ रही है। 2।

बैठे थे किनारे, लहरों से बातेें करने,
ठंडी ठंडी हवा, मन को भा रही है। 3।

चले थे सफर को,न मंजिल मिली है,
यादों की राहे तो, मन तड़पा रही हैं। 4।

माना कि मंजिल, एक दिन मिल जाये,
तराने दिलों के, तन मन गुनगुना रही है। 5।

दोस्त मिले थे, जब हम सफर चले थे,
यादों की कश्ती यूं, मन महका रही है। 6।

ये राज जहां के इस, दिल में दफन हैं,
राज की बातें अब, मन तरसा रही हैं। 7।

क्या खता हो गई है, रूठ चले हो तुम,
ये आहें तुमको,अब पास  बुला रही है। 8।

आओ पहलु में तुम, दिल तड़प तुम्हारी,
तड़पन तुम्हारे ही, मधुर गीत गा रही है। 9।

जो भी कहा तुमसे, माफ कर देना अब,
वो रुसवाई दिल पे, बस सहे जा रही है।10।

अकेले चले जा रहे हैं, हर इंसान जाता,
ये राहे बस देेखो, स्वर्ग तक जा रही हैं। 11।

ख्वाबों का सफर, होता जग में निराला,
वो ख्वाबों के दर्श, दिल तड़पा रही हैं। 12।

अब भूल जाओ, अब नहीं हम मिलेंगे,
दूर खड़ी है वो, बस मुझे बुला रही है। 13।

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