ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
नवरात्रे संपन्न हो रहे हैं
गायों को खाना खिलाएंगे
बच्चियों को कोरोना डर है
कोरोना से उनको बचाएंगे।
ताऊ बोला ताई से.........
कोरोना के डर से आ गई
प्रदेश में एक नई बीमारी
बच्चियों के नाम पर पैकेट
पहुंचाने की हो रही तैयारी,
अब तो कंजक मिलते नहीं
सरकार दे रही खूब खाना
खाने खातिर जो हाथ ओटे
अब उन्हें जरूर भूल जाना।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
शिकायत
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प्रतिदिन प्रदेशियों, जिनका धंधा चौपट हो गया या फिर अपंग एवं असहाय लोगों के लिए सामाजिक लोगों ने खाने का प्रबंध किया हुआ था। अचानक एक धनाड्य व्यक्ति का बेटा पहुंचा और भोजन परोसने वाले से 20 व्यक्तियों का भोजन डालकर देने का आदेश दिया। भोजन परोसने वाले ने स्पष्ट किया कि यह भोजन तो उन व्यक्तियों के लिए है जो असहाय हो? तुम्हें किसके लिए भोजन चाहिए?
व्यक्ति ने रोब से कहा कि 20 मजदूर खेत पर काम कर रहे हैं जिनको भोजन कहां से खिलाए?
भोजन परोसने वाले ने जवाब दिया-यदि आप ही भोजन को ऐसे लोगों को देंगे जो मजदूरी कर रहे हैं, असहाय नहीं है तो देश का क्या होगा? अच्छा बात बनाता है कल तुम्हें देख लूंगा। इतना कहकर सीधा एक मजदूर को बहकाकर उसके नाम से शिकायत करवा दी कि उसे भोजन न देकर गालियां दी? सुनकर सभी स्तब्ध थे कि देश में खाने के लिए इतनी बड़ी शिकायत और वो भी उस खाने के लिए जिस पर केवल असहायों का ही अधिकार होता है। जिसने भी सुना बस कहा-अब तो विश्वास के लायक कुछ भी नहीं है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
गुटका बंद
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गुटका, शराब, हुक्का पीते
और छेड़ते नर नारियों को
पटक उन्हें सबक सिखाए
गुंडे, मवाली,जुआरियों को,
शराब के ठेके बंद पड़े हुए
अब चूड़ी चढ़ी तंबाकू पर
नहीं मिलेगा गुटका- बीड़ी
आराम कर लो बैठ घर पर,
जर्दा,पान सुपारी खा खाकर
गंदा करते जन गलियों को
दीवारों पर दाग लगते आए
गंदा करते फूल कलियों को,
बिहार,यूपी के जन अधिक
इन चीजों के होते है आदि
ये शरीर को नुकसान करती
लाती रहती धन की बर्बादी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कदम
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फंक फूंक कदम बढ़ा रहे
कहीं कोरोना न आ जाए
हाथ पैर को धो रहे सारे
कहीं वायरस न खा जाए,
भूत,डाकू,हत्यारिन सुनते
अब ये डर जग में आया
असावधानी परेशानी बनी
आतंक कोरोना खूब छाया,
लॉकडाउन में घूम रहे जन
बेशक कितना समझा लेना
ये चैन से नहीं बैठ पाएंगे
बेशक धन दौलत भी देना,
पूरे जगत में छाया है रोग
बचाव करती दुनिया सारी
भारत में बचाव हो रहा है
भारत की संस्कृति न्यारी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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ताई बोली ताऊ से.....
नवरात्रे संपन्न हो रहे हैं
गायों को खाना खिलाएंगे
बच्चियों को कोरोना डर है
कोरोना से उनको बचाएंगे।
ताऊ बोला ताई से.........
कोरोना के डर से आ गई
प्रदेश में एक नई बीमारी
बच्चियों के नाम पर पैकेट
पहुंचाने की हो रही तैयारी,
अब तो कंजक मिलते नहीं
सरकार दे रही खूब खाना
खाने खातिर जो हाथ ओटे
अब उन्हें जरूर भूल जाना।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
शिकायत
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प्रतिदिन प्रदेशियों, जिनका धंधा चौपट हो गया या फिर अपंग एवं असहाय लोगों के लिए सामाजिक लोगों ने खाने का प्रबंध किया हुआ था। अचानक एक धनाड्य व्यक्ति का बेटा पहुंचा और भोजन परोसने वाले से 20 व्यक्तियों का भोजन डालकर देने का आदेश दिया। भोजन परोसने वाले ने स्पष्ट किया कि यह भोजन तो उन व्यक्तियों के लिए है जो असहाय हो? तुम्हें किसके लिए भोजन चाहिए?
व्यक्ति ने रोब से कहा कि 20 मजदूर खेत पर काम कर रहे हैं जिनको भोजन कहां से खिलाए?
भोजन परोसने वाले ने जवाब दिया-यदि आप ही भोजन को ऐसे लोगों को देंगे जो मजदूरी कर रहे हैं, असहाय नहीं है तो देश का क्या होगा? अच्छा बात बनाता है कल तुम्हें देख लूंगा। इतना कहकर सीधा एक मजदूर को बहकाकर उसके नाम से शिकायत करवा दी कि उसे भोजन न देकर गालियां दी? सुनकर सभी स्तब्ध थे कि देश में खाने के लिए इतनी बड़ी शिकायत और वो भी उस खाने के लिए जिस पर केवल असहायों का ही अधिकार होता है। जिसने भी सुना बस कहा-अब तो विश्वास के लायक कुछ भी नहीं है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
गुटका बंद
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गुटका, शराब, हुक्का पीते
और छेड़ते नर नारियों को
पटक उन्हें सबक सिखाए
गुंडे, मवाली,जुआरियों को,
शराब के ठेके बंद पड़े हुए
अब चूड़ी चढ़ी तंबाकू पर
नहीं मिलेगा गुटका- बीड़ी
आराम कर लो बैठ घर पर,
जर्दा,पान सुपारी खा खाकर
गंदा करते जन गलियों को
दीवारों पर दाग लगते आए
गंदा करते फूल कलियों को,
बिहार,यूपी के जन अधिक
इन चीजों के होते है आदि
ये शरीर को नुकसान करती
लाती रहती धन की बर्बादी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
कदम
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फंक फूंक कदम बढ़ा रहे
कहीं कोरोना न आ जाए
हाथ पैर को धो रहे सारे
कहीं वायरस न खा जाए,
भूत,डाकू,हत्यारिन सुनते
अब ये डर जग में आया
असावधानी परेशानी बनी
आतंक कोरोना खूब छाया,
लॉकडाउन में घूम रहे जन
बेशक कितना समझा लेना
ये चैन से नहीं बैठ पाएंगे
बेशक धन दौलत भी देना,
पूरे जगत में छाया है रोग
बचाव करती दुनिया सारी
भारत में बचाव हो रहा है
भारत की संस्कृति न्यारी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**


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