कोरोना
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वाह-वाह! रे कोरोना
कइयों का दिल दुखा दिया
दूर दूर बैठते थे परिवार
उन्हें पास रहना सीखा दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
धन दौलत को बर्बाद किया
साफ हवा के झोंकों में
पक्षी को रहना सीखा दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
तूने शांत रहना सीखा दिया
बहुत शोर शराबा करते
अमनचैन का घुट पिला दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
तूने पान मसाला बंद करवाया
शराब के ठेके बंद हुए
बिन पिये पियक्कड़ घर आया,
वाह-वाह! रे कोरोना
अब मत फैलाना अधिक जहर
भारत को छोड़ निकल
वरना भविष्य में नहीं तेरी खैर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना
घटा खर्चा
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लॉकडाउन के समय में रामू ने श्याम से पूछा-आखिरकार कितने जनों की जान ले ली,आर्थिक नुकसान भी हुआ है किंतु कोई एक लाभ हुआ है तो बताओ।
श्याम ने जवाब दिया-प्रतिदिन देश में सैकड़ों लोग दुर्घटनाओं में मर रहे थे किंतु कोरोना के वक्त पूरे लॉकडाउन के वक्त मरने वालों की संख्या बहुत कम होगी और यही नहीं सबसे बड़ा लाभ उस गरीब को हुआ है जिसके घर में कोई मौत हो जाती है।
रामू ने बीच में रोकते हुए कहा-गरीब को लाभ कैसे?
श्याम ने उत्तर दिया-देखो मरना सभी को पड़ता है किंतु जब गरीब के घर कोई बुजुर्ग मरता है तो चाय पानी का खर्चा वहीं काज करने में भारी खर्चा आता था उससे बच जाएगा।
रामू उनके उत्तर से प्रसन्न हुआ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से......
आधुनिक तकनीक गजब की
हगते, मूतते की डालते फोटो
गाय भैंस की रखवाली करता
धांसे फाड़ता तो डालते फोटो।
ताऊ बोला ताई से..............
चोरी,जारी जब कोई करता है
या जन गड्ढे में पड़ा हालता है
जब कहीं हो जाती धुनाई तो
उस वक्त फोटो ना डालता है,
अखबारों में नाम कमाना हो
बासी रोटी बांट कमाते नाम
कुछ लोग जगत को देते धोखा
उनको बस बुराई से है काम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
पोज
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एक खड़ा मार रहा धार
दूसरा बना रहा है पोज
आधुनिक विज्ञान की ये
कहाती तकनीकी खोज,
गोबर उठा उपले बनाए
हाथों में दस्तानें पहनाए
फिर भी बड़ाई खातिर
आगे आ फोटो खिंचाए,
खा रहा छाछ संग रोटी
या पी रहा है कोई चाय
जब तक फोटो न बनती
करता रहे वो हाय हाय,
सिर पर पोट तूड़ी रखे
निकल रहा हो कचूमर
फोटो बनवाकर खुश हो
फोटो देख रहे है घर घर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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वाह-वाह! रे कोरोना
कइयों का दिल दुखा दिया
दूर दूर बैठते थे परिवार
उन्हें पास रहना सीखा दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
धन दौलत को बर्बाद किया
साफ हवा के झोंकों में
पक्षी को रहना सीखा दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
तूने शांत रहना सीखा दिया
बहुत शोर शराबा करते
अमनचैन का घुट पिला दिया,
वाह-वाह! रे कोरोना
तूने पान मसाला बंद करवाया
शराब के ठेके बंद हुए
बिन पिये पियक्कड़ घर आया,
वाह-वाह! रे कोरोना
अब मत फैलाना अधिक जहर
भारत को छोड़ निकल
वरना भविष्य में नहीं तेरी खैर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना
घटा खर्चा
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लॉकडाउन के समय में रामू ने श्याम से पूछा-आखिरकार कितने जनों की जान ले ली,आर्थिक नुकसान भी हुआ है किंतु कोई एक लाभ हुआ है तो बताओ।
श्याम ने जवाब दिया-प्रतिदिन देश में सैकड़ों लोग दुर्घटनाओं में मर रहे थे किंतु कोरोना के वक्त पूरे लॉकडाउन के वक्त मरने वालों की संख्या बहुत कम होगी और यही नहीं सबसे बड़ा लाभ उस गरीब को हुआ है जिसके घर में कोई मौत हो जाती है।
रामू ने बीच में रोकते हुए कहा-गरीब को लाभ कैसे?
श्याम ने उत्तर दिया-देखो मरना सभी को पड़ता है किंतु जब गरीब के घर कोई बुजुर्ग मरता है तो चाय पानी का खर्चा वहीं काज करने में भारी खर्चा आता था उससे बच जाएगा।
रामू उनके उत्तर से प्रसन्न हुआ।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताऊ ताई संवाद
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ताई बोली ताऊ से......
आधुनिक तकनीक गजब की
हगते, मूतते की डालते फोटो
गाय भैंस की रखवाली करता
धांसे फाड़ता तो डालते फोटो।
ताऊ बोला ताई से..............
चोरी,जारी जब कोई करता है
या जन गड्ढे में पड़ा हालता है
जब कहीं हो जाती धुनाई तो
उस वक्त फोटो ना डालता है,
अखबारों में नाम कमाना हो
बासी रोटी बांट कमाते नाम
कुछ लोग जगत को देते धोखा
उनको बस बुराई से है काम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
पोज
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एक खड़ा मार रहा धार
दूसरा बना रहा है पोज
आधुनिक विज्ञान की ये
कहाती तकनीकी खोज,
गोबर उठा उपले बनाए
हाथों में दस्तानें पहनाए
फिर भी बड़ाई खातिर
आगे आ फोटो खिंचाए,
खा रहा छाछ संग रोटी
या पी रहा है कोई चाय
जब तक फोटो न बनती
करता रहे वो हाय हाय,
सिर पर पोट तूड़ी रखे
निकल रहा हो कचूमर
फोटो बनवाकर खुश हो
फोटो देख रहे है घर घर।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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