चाय के पैसे
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हाथ पसारते हुए-बाबूजी, चाय पीनी है। चाय के पैसे दे दो।
रामू ने रहम करते हुए सामने चाय की दुकान के मालिक से कहा-इस औरत को बिस्कुट के साथ चाय पिला दो। ये लो पैसे।
बाबू जी, ये पैसे चायवाले को नहीं मुझे ही दे दो। मुझे फिर चाय की जरूरत नहीं है।
तो फिर तुम पैसे का क्या करोगी, रामू ने पूछा।
बाबू जी, वो है ना, गुटखा वो खा लूंगी। रामू ने सामने की दुकान के मालिक को कहा-इसे गुटखा दे दो। ये पैसे लो।
बाबू जी, मुझे गुटखा नहीं चाहिए, मुझे तो नकदी चाहिए। मैं घर पर जाकर मनचाही चीज खा लूंगी।
रामू ने उसे दस रुपये का नोट पकड़ाते हुए कहा-लो तुम नहीं मानोगी। तुम झूठी हो इसलिए तुम पर कोई रहम नहीं कर रहा है। औरत दस रुपये का नोट लेकर तेजी से चली गई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
खत्म नहीं हुई लड़ाई
जमात ने और बढ़ाई
जब कोई खांसता हो
हो जाती बड़ी हंसाई।
ताऊ बोला ताई से....
एक दिन खत्म होगी
कोरोना के संग लड़ाई
पूरे जग में नाम होगा
लोगों ने जान बचाई,
परीक्षा में पास होंगे
जीत दिखाई देती है
जहां संयम का वास
जीत वहीं पर रहती है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
हार
**************
*************************
नहीं मानेंगे हम हार
प्रभु करेंगे बेड़ा पार
कठिन परिस्थिति में
प्रभु नाम ही आधार,
जब बुरे दिन आते
शांति है बड़ा उपाय
धन के पीछे न दौड़ों
नहीं करो हाय-हाय,
सरकार देती हिदायतें
पालन करना चाहिए
एक बार अजमाइये
जो मांगा वही पाइये,
जीवन भर कमाना है
थोड़े दिन आराम करो
नियम कभी नहीं तोड़ो
देशहित में कुछ डरो।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
रोग
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********************
घर में चैन नहीं लेते
घूमते हैं इधर उधर
कोरोना काबू में आए
बैठ जाए यदि वे घर,
तेजी से बढ़ रहा रोग
फिर भी नहीं सुधरेगा
यदि रोग ने पैर पसारे
जन जीवन बिगड़ेगा,
अगर रोग भगाना है
बस संयम से काम ले
गलती से आ जाए तो
फिर कभी न नाम ले,
आओ भगाए कोरोना
घर पर करो आराम
परीक्षा में पास हुए तो
आने का लेगा ना नाम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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हाथ पसारते हुए-बाबूजी, चाय पीनी है। चाय के पैसे दे दो।
रामू ने रहम करते हुए सामने चाय की दुकान के मालिक से कहा-इस औरत को बिस्कुट के साथ चाय पिला दो। ये लो पैसे।
बाबू जी, ये पैसे चायवाले को नहीं मुझे ही दे दो। मुझे फिर चाय की जरूरत नहीं है।
तो फिर तुम पैसे का क्या करोगी, रामू ने पूछा।
बाबू जी, वो है ना, गुटखा वो खा लूंगी। रामू ने सामने की दुकान के मालिक को कहा-इसे गुटखा दे दो। ये पैसे लो।
बाबू जी, मुझे गुटखा नहीं चाहिए, मुझे तो नकदी चाहिए। मैं घर पर जाकर मनचाही चीज खा लूंगी।
रामू ने उसे दस रुपये का नोट पकड़ाते हुए कहा-लो तुम नहीं मानोगी। तुम झूठी हो इसलिए तुम पर कोई रहम नहीं कर रहा है। औरत दस रुपये का नोट लेकर तेजी से चली गई।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
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ताई बोली ताऊ से.....
खत्म नहीं हुई लड़ाई
जमात ने और बढ़ाई
जब कोई खांसता हो
हो जाती बड़ी हंसाई।
ताऊ बोला ताई से....
एक दिन खत्म होगी
कोरोना के संग लड़ाई
पूरे जग में नाम होगा
लोगों ने जान बचाई,
परीक्षा में पास होंगे
जीत दिखाई देती है
जहां संयम का वास
जीत वहीं पर रहती है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
हार
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नहीं मानेंगे हम हार
प्रभु करेंगे बेड़ा पार
कठिन परिस्थिति में
प्रभु नाम ही आधार,
जब बुरे दिन आते
शांति है बड़ा उपाय
धन के पीछे न दौड़ों
नहीं करो हाय-हाय,
सरकार देती हिदायतें
पालन करना चाहिए
एक बार अजमाइये
जो मांगा वही पाइये,
जीवन भर कमाना है
थोड़े दिन आराम करो
नियम कभी नहीं तोड़ो
देशहित में कुछ डरो।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
रोग
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घर में चैन नहीं लेते
घूमते हैं इधर उधर
कोरोना काबू में आए
बैठ जाए यदि वे घर,
तेजी से बढ़ रहा रोग
फिर भी नहीं सुधरेगा
यदि रोग ने पैर पसारे
जन जीवन बिगड़ेगा,
अगर रोग भगाना है
बस संयम से काम ले
गलती से आ जाए तो
फिर कभी न नाम ले,
आओ भगाए कोरोना
घर पर करो आराम
परीक्षा में पास हुए तो
आने का लेगा ना नाम।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
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