Monday, April 06, 2020

 ताऊ ताई संवाद 
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ताई बोली ताऊ से....
लॉकडाउन नहीं हटा है
कब तक  इंतजार करेंगे
यूं ही  अगर  बैठे रहे तो
घुट घुटकर  दोनों मरेंगे।
ताऊ बोला ताई से.......
कठिन समय चल रहा
परीक्षा ले रहा कोरोना
कब यह वासरस मिटे
इसी बात का  है रोना,
पूरा देश घर में पड़ा है
हम निज घर  में रहेंगे
शांत रहकर  एक दिन
कोरोना को टाटा कहेंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**   


स्वास्थ्य दिवस 

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गिर रहा स्वास्थ्य जन
कर रहे सभी  विचार 
कैसे सेहत बनी रहेगी
जब बदला  है आहार,
भाग दौड़  खाना खाए
समय का नहीं विचार
खाना तो खा लेते सब
दूर रहता मां का प्यार,
प्रदूषण में  जी  रहे हैं
वातावरण अति बेकार
गंदा पानी पी रहे सब
गंदा खा रहे है आहार,
जब तक सचेत नहीं है
जब ना हो शुद्ध खाना
तब तो सेहत बिगड़ेगी
ऋषि मुनियों ने  माना।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**




  और रुलाएगा 

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खूब रो चुके  हैं लोग
और कितना रुलाएगा
अब तो छोड़ दे पीछा
फिर जन  मुस्कुराएगा,
जन बहुत लील लिए
और क्या तेरी मंशा है
एक एक दिन भारी हो
हर जगह तेरी चर्चा है,
खूब सितम ढहाए तूने
भारतवासी  हंसता  है
तेरी दाल  नहीं गलेगी
क्यों नाग सा डसता है,
चला जाए  तो  बेहतर
वरना कूट कूट भगाएंगे
एकता, भाईचारा बढ़ेगा
सतयुग फिर  से लाएंगे।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

चालबाज 

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खेत में काम कर रहे 20 मजदूरों ने कहा-अभी तक दोपहर हो चले हैं किंतु खाना नहीं खिलाया है। रामू अति चालाक था। उसे याद आया कि कोरोना के चलते लोगों को गांव में मुफ्त खाना दिया जाता है। उसने मजदूरों को एक ट्रैक्टर में बैठाकर कहा-चलो, तुम्हें मुफ्त में बेहतरीन खाना खिलवाता हूं। जहां खाना दिया जा रहा था वहां ले जाकर उन्हें छोड़ दिया और सारे श्रमिक खाने पर टूट पड़े और खाना खाकर वापस रामू के खेत में काम करने लगे। मजदूर भी खुश और रामू भी खुश था।  रामू की खाने की बचत हो गई।
  **होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

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