जीत
***************************
**************************
******************************
हारेगा जरूर कोरोना
होनी है जीत हमारी
दिखला देंगे मिलकर
कह रही जनता सारी,
अधमरा कर डाला है
जल्दी हो जाए अंत
बुराई एक दिन मिटे
कह गए साधु व संत,
लोगों में डर भरा है
यह भी जरूर मिटेगा
चोट लगी लोगों की
जान बचाकर भगेगा,
कोरोना का क्यों रोना
घर पर नींद से सोना
आनंद आ जाएगा वो
नहीं पड़ेगा कुछ खोना।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
**************************
**************************
**************************
ताई बोली ताऊ से.....
कोरोनावायरस भगाया
दीप जलाकर जग ने
एकता का दिया साथ
मिलकर जन-जन ने।
ताऊ बोला ताई से.....
बुजुर्गों की पद्धति है ये
कभी ताली कभी थाली
दीपों की कतार जलाओ
जग का रक्षक वो माली,
कोरोना जरूर पछताएगा
भारत में कहां आया है
पौराणिक पद्धतियों से
भारत ने मार भगाया है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बेईमानी
**********************
*******************************
भारी भीड़ जुटी थी। चारों ओर दुपहिया वाहन खड़े थे। लोग हाथों में थैला लिए एक दुकान के सामने खड़े थे। राम ने पूछा-भाई, कोई नेता आ रहे हैं क्या?
एक बुजुर्ग ने उत्तर दिया-नहीं। तो फिर भीड़ क्यों?
कोटा बट रहा है। बीपीएल को राशन मिलेगा।
राम ने पूछा-यह राशन मुफ्त मिलता है? उत्तर मिला नहीं।
तो तुम्हारा राशन कोई खा जाता है? बुजुर्ग उत्तर नहीं दे पाया।
राम ने पूछा-तो जब तुम्हारा राशन कोई खाता नहीं और उस पर कोरोनावायरस का डर है तो ऐसी भीड़ तो रोग को निमंत्रण देगी।
दिल में बेईमानी के चलते एक साथ टूट पड़ते हैं जैसे सामान खत्म हो जाएगा और फिर नहीं मिलेगा।
राम सोचता ही आगे बढ़ गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
एक और दीवाली
*************************
*************************
कोरोना की हुई धुनाई
दीवाली जब मनाई थी
पांच अप्रैल 2020 को
देश ने लाज बचाई थी,
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री
बजवाई ताली व थाली
ऐसा मारा गया कोरोना
जब मनी थी दीपावली,
देश में लाइट बंद कर
छतों पर जल उठे दीये
खुशी का नशा छाया
बंद ठेकों में बिन पिये,
लील गया कोरोना रोग
कितने लोगों की जिंदगी
दीप जलाकर दिखाई है
भारत देश ने एक बंदगी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
***************************
**************************
******************************
हारेगा जरूर कोरोना
होनी है जीत हमारी
दिखला देंगे मिलकर
कह रही जनता सारी,
अधमरा कर डाला है
जल्दी हो जाए अंत
बुराई एक दिन मिटे
कह गए साधु व संत,
लोगों में डर भरा है
यह भी जरूर मिटेगा
चोट लगी लोगों की
जान बचाकर भगेगा,
कोरोना का क्यों रोना
घर पर नींद से सोना
आनंद आ जाएगा वो
नहीं पड़ेगा कुछ खोना।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
ताई ताऊ संवाद
**************************
**************************
**************************
ताई बोली ताऊ से.....
कोरोनावायरस भगाया
दीप जलाकर जग ने
एकता का दिया साथ
मिलकर जन-जन ने।
ताऊ बोला ताई से.....
बुजुर्गों की पद्धति है ये
कभी ताली कभी थाली
दीपों की कतार जलाओ
जग का रक्षक वो माली,
कोरोना जरूर पछताएगा
भारत में कहां आया है
पौराणिक पद्धतियों से
भारत ने मार भगाया है।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
बेईमानी
**********************
*******************************
भारी भीड़ जुटी थी। चारों ओर दुपहिया वाहन खड़े थे। लोग हाथों में थैला लिए एक दुकान के सामने खड़े थे। राम ने पूछा-भाई, कोई नेता आ रहे हैं क्या?
एक बुजुर्ग ने उत्तर दिया-नहीं। तो फिर भीड़ क्यों?
कोटा बट रहा है। बीपीएल को राशन मिलेगा।
राम ने पूछा-यह राशन मुफ्त मिलता है? उत्तर मिला नहीं।
तो तुम्हारा राशन कोई खा जाता है? बुजुर्ग उत्तर नहीं दे पाया।
राम ने पूछा-तो जब तुम्हारा राशन कोई खाता नहीं और उस पर कोरोनावायरस का डर है तो ऐसी भीड़ तो रोग को निमंत्रण देगी।
दिल में बेईमानी के चलते एक साथ टूट पड़ते हैं जैसे सामान खत्म हो जाएगा और फिर नहीं मिलेगा।
राम सोचता ही आगे बढ़ गया।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**
एक और दीवाली
*************************
*************************
कोरोना की हुई धुनाई
दीवाली जब मनाई थी
पांच अप्रैल 2020 को
देश ने लाज बचाई थी,
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री
बजवाई ताली व थाली
ऐसा मारा गया कोरोना
जब मनी थी दीपावली,
देश में लाइट बंद कर
छतों पर जल उठे दीये
खुशी का नशा छाया
बंद ठेकों में बिन पिये,
लील गया कोरोना रोग
कितने लोगों की जिंदगी
दीप जलाकर दिखाई है
भारत देश ने एक बंदगी।
**होशियार सिंह, लेखक,कनीना,हरियाणा**

No comments:
Post a Comment