महंगाई
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विधा-कविता
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महंगाई की मार पड़ी है, रो रहे हैं कई लोग,
महंगाई घट नहीं रही, बन गई है नासूर रोग,
अब तो नहीं लगता घी, चूरमें का भी भोग,
वक्त बुरा आ गया है, मिलता नहीं है संजोग।
महंगाई महंगाई चिल्ला रहे, मिला नहीं ईलाज,
महंगाई बढ़ गई हैं, पता नहीं पीछे क्या राज,
महंगाई की मार झेलकर, चले जाएंगे ये लोग,
पर नेताओं को पसंद आ रहा, अपने सिर ताज।
पिछले कुछ समय से,फल सब्जी हुये महंगे,
चोली दामन अधिक पहने, घट गये हैं लहंगे,
विवाह शादियों का दौर एक माह को है बंद,
शिक्षा पा युवा वर्ग, आवाज करता है बुलंद।
पिछले कुछ समय से,किसान आंदोलन घटा,
विभिन्न कर्मचारियों में, असंतोष फिर से बढ़ा,
महंगाई का दौर भी आकाश छूने को जा रहा,
किसानों का कृषि की ओर, रुझान भी घटा है।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400
दोस्ती
विधा-कविता
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अमिट प्यार से भरी हुई है,यह धोखे का आधार क्यों,
हर हाल में निभानी होती,इस दोस्ती में व्यापार क्यों?
बुराई को मिटा देती सदा,निराली होती इसकी अदा,
कुछ को लगे बेकार क्यों,इस दोस्ती में व्यापार क्यों?
साथ निभाने का हो वादा,नेक दिलों में होता इरादा,
दिल से हो दो चार क्यों,इस दोस्ती में व्यापार क्यों?
यहां दोस्ती में व्यापार क्यों,जन नफरत से है प्यार क्यों,
दिलों जान से होती जग में,प्रफुल्लित कर दे तन रग में।
दोस्ती जगत में हो महान,दोस्ती की हो बड़ा जहान,
इंसान कैसा होता जग में,बस दोस्ती से हो पहचान।
दोस्ती में नहीं हो भेदभाव,दोस्ती लगती है एक नाव,
दोस्ती में नहीं कांव कांव,नहीं सोचते कोई है दाव।
कृष्ण सुदामा की दोस्ती, जगत में सभी ही जानते,
दोस्ती में जाती पाती भी,सच्चे जन नहीं पहचानते।
दोस्ती थी राधा कृष्ण की,भक्ति में शक्ति कहलाती,
गोपियों के संग कृष्ण की,ज्ञान का सागर भर जाती।
दोस्ती है ज्ञान दोस्ती मोती,दोस्ती जागेे कभी न सोती,
दोस्ती पर लुटे हीरे मोती,बिन दोस्ती आंखें भिगोती।
दोस्ती भरा प्यार ही प्यार,दोस्ती जग में नहीं व्यापार,
निष्पक्ष दोस्ती को जो तैयार,मिलेंगे मोती उसको हजार।।
राह मुश्किल हो आसान,दोस्ती की यही पहचान,
साया भांति संग में मिले,उसको बसके दोस्त जान।
दोस्त ऐसी बूटी होती है,कहलाती है रोग की दवा,
हर मुसीबत आसान होती,जोश उमंग भर देता नवा।
दोस्ती पर विश्वास करो, कहलाता है यह जगत सारा,
दोस्त अगर दगा दे देता,दोस्त फिर जाता हिम्मत हारा।
बहुत याद आ रही उनकी, दोस्ती की जो बने मिसाल,
दुख दर्द में सम्मुख खड़े थे,हर वक्त पूछते थे मेरा हाल।
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स्वरचित/मौलिक
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* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नं
बर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
फोन 09416348400

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