Tuesday, June 14, 2022

                              कलाकार
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विधा-कविता
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कलाकार वो नाम है, कर दिखलाएं खोज,
अपनी कला के दम पर,नाम कमाये रोज।
नहीं किसी की चिंता हो,खूब उड़ाये मौज,
जल्दी से खाना मिले, मानों उसको भोज।।

अपनी चिंता है नहीं, चिंता जगत जरूर,
सादा जीवन उसका हो, नहीं मिले गरूर।
अपनों को वो मानता, अल्प ज्ञान आधार,
कलाकार के बिना यहां, सूना मिले संसार।

कला का जादू बिखेरते, हरता जन का मन,
आंधी बारिश में रत, भाद्रपद कहो अगहन।
देखे उसकी कलाकारी, मन में उठती टीस,
कलाकार हो संसार में, विनति है यह ईश।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400


जल महिमा
विधा-कविता
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जल जीवन आधार है, रखना इसको पास,
जल बिना जीवन नहीं, आता सबको रास।
खाना पीना हर रूप में आता जल ही काम,
सबसे महत्वपूर्ण दवा, वस्तु होती है खास।।


बहती थी नदियां कभी, अब घट गया नीर,
इसलिए इंसान की, घटती जा रही है पीर।
लाना पड़ता दूर से, पीने का भी अब पानी,
बिन पानी सब सून है, गरीब हो या अमीर।।

पनघट पर लगती कभी,लंबी लंबी कतार,
आपस में बढ़ता था, प्रेम, प्रीत और प्यार।
नहीं रहे अब पनघट, नहीं रहा अब नीर,
ऐसे में बढ़ गई है, जन जन की ही पीर।।

जल जीवन का रूप है, रख लेना संभाल,
मिले नहीं गर वक्त पर, हो जाये बुरा हाल।
दूर दराज से पनिहारी, लाती रहती हैं जल,
घटता जाये जल यहा, नहीं कोई अब हल।।
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स्वरचित/नितांत मौलिक
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* होशियार सिंह यादव








मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400

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