Monday, June 20, 2022

                          कहीें किसी मोड़ पर


विधा-कविता
*********************
****************************************
**************************************
*****
कहीं किसी मोड़ पर, मुलाकात जब होती है,
कभी इंसान खुश होता, कभी आंखें रोती हैं।
अच्छे बुरे इंसान मिलते,आती सारी बातें याद,
कभी तो मिलने वाले की ही नैन भिगोती हैं।।

कहीं किसी मोड़ पर, मिलता बड़ा है शकुन,
कभी किसी स्थल पर, बजता है कोई बिगुल।
यादों की बारात चले,किये गये निज कर्म की,
कहीं कहीं तो इंसान के , लोग गाते बड़े गुण।।

कहीं किसी मोड़ पर, आती किसी की याद,
कभी कभी तो दिल करता, जमकर फरियाद।
जिंदगी चलती रहे, बस यहीं होता अरमान,
जिंदगी में अड़ंगा डालता, वो होता है जल्लाद।।

कहीं किसी मोड़ पर, मिलते दो साथी प्यारे,
गम सारे भूल जाते हैं, हो जाते हैं वारे न्यारे।
आपस में गले मिलते, भूल जाते हैं सारे गम,
एक दूजे के गले शिकवे, दे डालते जो उधारे।।
*********************
मौलिक एवं अप्रकाशित
*******************
 डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400




कविता/सोच बदलो
*************
**********************************

पेड़ जीवन का आधार,
मत नहीं काटो इन्हें यार,
पानी, खाद इनको देना,
दे देना इनको भी प्यार।।

जीवनदायिनी हवा देते,
प्रदूषण से बचाते संसार,
देव समान ये पेड़ होते हैं,
इनका ऋण सदा उधार।।

आज लगा लो पेड़ तो,
होगा भविष्य सुनहरा,
पेड़ काटना तो पाप है,
बचाना है फर्ज हमारा।।
***************
स्वरचित/मौलिक
******************






* डा. होशियार सिंह यादव
मोहल्ला-मोदीका, वार्ड नंबर 01
कनीना-123027 जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा
  फोन 09416348400


No comments: